स्वास्थ्य विभाग कुम्भ करण की निर्दा में शहर में झोलाछाप डॉक्टरों का कहर
यमदूत के हाथों में नर्सिंग होम एवं होस्पीटल की कमान
दिल्ली - उत्तर प्रदेश की राजधानी में बैठे स्वास्थ्य विभाग के मंत्री ने वाकई में स्वच्छ स्वास्थ्य मिशन चलाया और खुद रेड़ (छापामारी) करके स्वास्थ्य विभाग को पार्दशी वनाया है,
मैं उनका दिल से शुक्रिया करता हूं, लेकिन दवाव कब और किस पर कहां आ जाऐ पता नही चलता है, फिलहाल उनके विभाग की बात आई तो जनपद एटा में स्वास्थ्य सेवाओं में सेवा देने वालों में नामित नोडल अधिकारियों को कुम्भ करण निर्दा में अफीम चटा कर कौन भेज रहा है,
आखिर क्यों जनपद में यमदूतों को तत्काल प्रभाव से नर्सिंग होम एवं होस्पीटल का पंजीकरण मिल जाता है, जनपद में नर्सिंग होम एवं होस्पीटल के पंजीकरण की नियमावली क्यों नही सर्वाजनिक की जाती है,
क्यों नही नर्सिंग होम एवं होस्पीटल के वहार पट्टिका लगाई जाती जिसपर स्पष्ट तौर पंजीकृत डॉ का नाम एवं फोटो तथा होस्पीटल पंजीकरण नम्बर लिखा होना चाहिए, जिससे डॉ उपस्थित नही तो दूसरे जगह जनपद बासिन्दे इलाज करा सकें, लेकिन जानबूझ कर स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं में आने वाले
डॉ/ नोडल अधिकारियों को कुम्भ करण निर्दा में अफीम चटा कर इसलिए भेजा जा रहा है, यमदूतों के हवाले फुर्सत से एटा जनपद बासिन्दो का इजाल के नाम पर काल के गाल में धकेलने का काम जारी है,