बुधवार की सुबह बिलारी से रामपुर पहुंचा सुशील सहाय का शव, अंतिम दर्शन के लिए खड़े लोग
संवाददाता- सुधीर कुमार शर्मा, रामपुर
रामपुर। मैंथा प्रजाति शिवालिक के जनक पद्मश्री सुशील सहाय ने रामपुर समेत आसपास के जिलों के किसानों को शिवालिक मेंथा प्रजाति से मालामाल बना दिया। इस प्रजाति की खूबी यह है कि कम लागत में अधिक तेल निकलता है।
शिवालिक की एक बार बुवाई करने के बाद तीन बार काटा जा सकता है। इतना ही नहीं उन्होंने किसानों को मेंथा से तेल निकालने का हुनर भी सिखाया। हजारों किसानों ने खेतों में मेंथा की टंकियां लगाकर खूब पैसा कमाया।
मेंथा व्यवसाय से हजारों किसानों के साथ सैकड़ों मेंथा व्यवसायी भी जुड़े हैं।
बुधवार की सुबह 10:45 बजे मेंथा प्रजाति शिवालिक के जनक सुशील सहाय का शव फूलों से सजे वाहन में बिलारी के
ग्राम नगली फार्म हाउस से अंतिम दर्शन के लिए रामपुर के मक्का मिल पहुंचा। लोगों ने वाहन में रखे शव पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर मेंथा व्यवसायी प्रदीप गुप्ता, स्वाति मेंथाल के स्वामी एसके गुप्ता, कपिल आर्य, बच्चन सिंह बिलासपुर, धीरेंद्र कुमार अग्रवाल, सरित सिंघल,