सांसदों की शपथ स्पीकर का चुनाव बाद् संसद में निभाई जाती है कौन-कौन सी परंपराएं
संवाददाताआकाश बाबू
नई दिल्ली। नए चुने गए सांसदों के शपथ (MPs Oaths) की अनिवार्यता पूरा करने के लिए 18वीं लोकसभा का पहला सत्र (Parliament Session 2024 Schedule Dates) 24 जून से शुरू होगा। इस दौरान पहले तीन दिन प्रोटेम स्पीकर द्वारा सांसदों का शपथ ग्रहण कराया जाएगा।
इसी क्रम में 26 जून को लोकसभा के अध्यक्ष का चुनाव (Loksabha Speaker Election 2024) कराया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) 27 जून को नवगठित लोकसभा के साथ राज्यसभा के सदस्यों की संयुक्त बैठक को संबोधित (Presidential Address Speech) करेंगी।
संसद की तीन परंपराएं
एनडीए सरकार के नए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को बताया कि 24 जून से शुरू होने वाला 18वीं लोकसभा का पहला सत्र तीन जुलाई को समाप्त हो गया। सांसदों के शपथ, स्पीकर के चुनाव तथा राष्ट्रपति के संबोधन के अलावा इस सत्र में कामकाज का कुछ अन्य खास एजेंड़ा नहीं होगा।
नवगठित मंत्रिपरिषद का परिचय
27 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संसद में अपनी नवगठित मंत्रिपरिषद का परिचय कराया जाएगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में नई लोकसभा में सरकार और विपक्ष
पहली बार आमने-सामने होते हुए अपनी रणनीति के हिसाब से अपने-अपने सियासी तरकश से पहला तीर निकालेंगे।
संसद का बजट सत्र 2024
संसद के इस संक्षिप्त सत्र को देखते हुए
यह तय हो गया है कि 2024-25 के आम बजट के लिए अलग से सत्र बुलाया जाएगा। जुलाई के तीसरे सप्ताह में बजट सत्र बुलाए जाने की संभावना है जिसमें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एनडीए सरकार की नई पारी का पहला बजट पूर्ण बजट पेश करेंगी।
प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति
लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी-फरवरी में हुए सत्र में निर्मला सीतारमण अंतरिम लेखानुदान बजट लेकर आईं थी जिसमें 31 जुलाई तक के सरकारी खर्चे को मंजूरी दी गई थी।