बहजोई महाविद्यालय, बहजोई में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में राष्ट्रीय एकता दिवस बड़े उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक गोष्ठी और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संभव जैन, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता तथा कार्यक्रम संयोजक राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य नेमपाल सिंह यादव ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के संयोजक नेमपाल सिंह यादव ने अपने उद्बोधन में ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन-संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता के समय भारत लगभग 565 रियासतों में विभाजित था, जिन्हें एक सूत्र में पिरोकर एक राष्ट्र बनाने का ऐतिहासिक कार्य पटेल जी ने किया। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल के दृढ़ संकल्प और संगठन कौशल ने ही अखंड भारत की नींव रखी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने सरदार पटेल की कर्मठता, नेतृत्व क्षमता और देश के प्रति समर्पण को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। वहीं विशिष्ट अतिथि संभव जैन ने सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर कहा कि “पटेल जी ने असंभव को संभव कर दिखाया और देश को एकता के सूत्र में बांधा।” उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि आज के समय में भी यदि हम उनके आदर्शों और विचारों पर चलें तो भारत को विश्व गुरु बनाने का सपना अवश्य साकार होगा।
एकता दिवस के अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में पहले स्थान पर श्रैया वार्ष्णेय बी.ए. प्रथम सेमेस्टर, दूसरे स्थान पर अंबिका मौर्य एम.ए. तृतीय सेमेस्टर तथा वंशिका वार्ष्णेय बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर और कीर्ति वार्ष्णेय एम.ए. तृतीय सेमेस्टर तृतीय स्थान पर रही तथा दो छात्राओं ने सांत्वना पुरस्कार जीता।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीता द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के गौरव वार्ष्णेय, संजय कुमार, डॉ. गीता, यशपाल सिंह यादव, गीता रानी, पूजा शर्मा, प्रीति शर्मा, डॉ. विष्णुदत्त शर्मा, प्रेसी चौधरी, मेघा मेहरोत्रा, भगवान सिंह चौहान, रामतीरथ, राजीव कुमार सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।