मिलक के साहित्यकार डॉ. चंद्र प्रकाश शर्मा की नई कृति ‘अमृत्व की खोज’ ने मचाई धूम
23 निबंधों की कृति "अमृतत्व की खोज"में अनुभव, चिंतन और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम — शिक्षाविद व साहित्यकार के रूप में डॉ . चन्द्र प्रकाश शर्मा की बनी मजबूत पहचान
रामपुर जनपद की तहसील मिलक के ख्यातिलब्ध साहित्यकार और सेवानिवृत्त शिक्षाविद डॉ. चंद्र प्रकाश शर्मा की नई गद्य कृति “अमृत्व की खोज” हिंदी जगत में चर्चा का विषय बन गई है। प्रख्यात विद्वान डॉ. महेश दिवाकर (डी.लिट.) ने इस कृति का समीक्षात्मक विश्लेषण करते हुए इसे अनुभव और चिंतन की विलक्षण रचना बताया है।
डॉ. चंद्र प्रकाश शर्मा का जन्म 26 जुलाई 1954 को मिलक में हुआ। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श शिक्षक के रूप में पहचान बनाई और सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा से जुड़ाव बनाए रखा। समाजहित की भावना से उन्होंने मिलक क्षेत्र में एक इंटर कॉलेज की स्थापना भी की, जो ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का प्रकाश फैला रहा है।
डॉ. शर्मा बहुआयामी प्रतिभा के धनी हैं। उन्होंने हिंदी, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र में परास्नातक की उपाधियां प्राप्त कीं तथा हिंदी विषय में पीएचडी भी की। साहित्य सेवा के प्रति समर्पित डॉ. शर्मा अब तक गूंजते शब्द, पथरीली राहें, गगन में आवाज, फूल बने शूल, दस्तक और अमृत्व की खोज सहित छ:कृतियां हिंदी साहित्य को दे चुके हैं।
साल 2026 में गाजियाबाद के जिज्ञासा प्रकाशन से प्रकाशित अमृत्व की खोज में कुल 23 निबंध संकलित हैं। इन निबंधों में भावात्मक, वर्णनात्मक, विवेचनात्मक, विचारात्मक, विवरणात्मक, विश्लेषणात्मक और समीक्षात्मक शैली का प्रभावी प्रयोग किया गया है।
कृति के निबंधों में दीपावली के संदेश, विलुप्त होती नदियों की चिंता, भारतीय संस्कृति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पंचांग की कालगणना और आध्यात्मिक चिंतन जैसे विषयों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
समीक्षक डॉ. महेश दिवाकर के अनुसार लेखक ने जीवन के अनुभवों और समाज की वास्तविकताओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है, जिससे यह कृति पाठकों को गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि निबंधों के शीर्षक अपेक्षाकृत लंबे हैं, जिन्हें संक्षिप्त और सारगर्भित किया जाए तो कृति का सौंदर्य और बढ़ सकता है।
समीक्षक का मानना है कि “अमृत्व की खोज” हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण कृति के रूप में स्थापित होगी और पाठकों के बीच इसे भरपूर सराहना मिलेगी।