कम्पोजिट विद्यालय हर्रायापुर में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित, छात्र-छात्राओं ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प
संपादक राहुल शर्मा की रिपोर्ट बदायूं
बगरैन। 'नशा मुक्त भारत अभियान–विकसित भारत की पहचान' के अंतर्गत देशव्यापी कार्यक्रमों की श्रृंखला में गुरुवार को क्षेत्र के ग्राम हर्रायापुर स्थित कम्पोजिट विद्यालय में छात्र-छात्राओं के मध्य एक भव्य और प्रेरणादायक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस विशेष आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (DDM) श्री कंसल और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अमित वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया, जिसके बाद स्कूली बच्चों ने मधुर स्वागत गीत गाकर अतिथियों का अभिनंदन किया।
एफएलसी प्रभारी श्री अजय सक्सेना के सफल संचालन में आगे बढ़े इस कार्यक्रम में नाबार्ड के डीडीएम श्री कंसल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे के सामाजिक व मानसिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि
आज के दौर में पारंपरिक नशे के साथ-साथ मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग की बढ़ती लत भी एक नई और गंभीर चुनौती बन चुकी है, जिससे बचने के लिए छात्र-छात्राओं को संयमित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनानी होगी।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक
अमित वार्ष्णेय ने बच्चों को वित्तीय साक्षरता का पाठ पढ़ाते हुए बैंक की विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं और वित्तीय समावेशन के महत्व से अवगत कराया, ताकि भविष्य में वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने "नशा मुक्त भारत" विषय पर अपनी कलात्मक सोच और रंगों के माध्यम से
बेहद आकर्षक व संदेशपरक चित्र उकेरे, जिन्हें देखकर अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की जमकर सराहना की। कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रधानाध्यापक श्री कुंवरसेन द्वारा नाबार्ड के डीडीएम और बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया और सभी का आभार व्यक्त किया गया।
इस दौरान बगरैन शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक श्री अरीब रज़ा खान, प्रबंधक राहुल वाथम, मुकेश कुमार, सहायक प्रबंधक वेगेन्द्र सहित विद्यालय के शिक्षक और भारी संख्या में ग्रामीण व बच्चे मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन उपस्थित सभी लोगों को नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की सामूहिक शपथ दिलाकर किया गया।