■ ग्रीष्मावकाश के बाद खुला शिव देवी सरस्वती शिशु मन्दिर, भैया-बहिनों का हुआ भव्य स्वागत
■ पुष्पवर्षा, तिलक एवं मिठाई वितरण के साथ मनाया गया प्रथम दिनोत्सव
बदायूँ। ग्रीष्मकालीन अवकाश के उपरान्त गुरुवार को स्थानीय शिव देवी सरस्वती शिशु मन्दिर, सिविल लाइन्स, बदायूँ पुनः खुल गया। विद्यालय के प्रथम दिन को उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाते हुए आचार्य परिवार ने विद्यालय आने वाले भैया-बहिनों का तिलक-चंदन लगाकर एवं पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
विद्यालय परिसर को एक दिन पहले ही साफ-सुथरा कर आकर्षक रेखांकन एवं रंगोली से सजाया गया। प्रातःकाल विद्यालय के मुख्य द्वार पर आचार्यों ने विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया, जिससे विद्यालय में उत्सव जैसा वातावरण दिखाई दिया। हालांकि प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही।
कक्षा अरुण से कक्षा पंचम तक के सभी वर्गों में कुल 83 भैया-बहिन ही विद्यालय पहुंचे।
प्रथम दिवस का शुभारम्भ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य लालाराम वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर वंदना सत्र का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर कार्यवाहक प्रधानाचार्य नरेश पाल सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन,
नियमित उपस्थिति एवं अध्ययन संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए। वहीं वरिष्ठ आचार्य लालाराम वर्मा ने सभी भैया-बहिनों को प्रतिदिन विद्यालय आने तथा शिक्षा के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के स्वागत समारोह को और भी मधुर बनाने के लिए कक्षा तृतीय के छात्र आरव शाक्य के अभिभावक भगवान सिंह शाक्य के द्वारा सभी विद्यार्थियों एवं स्टाॅफ को टॉफियाँ वितरित कीं गयीं। इस आत्मीय सहयोग के लिए विद्यालय परिवार ने उनका आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर विद्यालय पुनः खुलने की खुशी एवं उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया। इस अवसर पर आचार्य भोलेनाथ पाठक, सुबोध मिश्रा, रूपेंद्र सिंह, राकेश मिश्रा, अविलेश यादव, राजीव कुमार सिंह, कार्यालय प्रमुख देवेंद्र सक्सेना, मुकेश तिवारी, अनुराग मिश्रा सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।