संवाददाता नेत्रपाल सिंह बहजोई
*सुगंध दशमी पर्व पर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ धूप खेवन, उत्तम संयम धर्म की आराधना*
बहजोई: पर्वराज दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत सोमवार को उत्तम संयम धर्म की आराधना के साथ सुगंध दशमी पर्व बड़े ही श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। प्रातः श्रीजी के अभिषेक, शांतिधारा एवं महामंडल विधान के धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। श्रीजी के अभिषेक एवं शांतिधारा के पुण्यार्जक सुनील कुमार जैन, अरिहंत जैन एवं अक्षत जैन रहे। वहीं महामंडल विधान में सौधर्म इंद्र के रूप में सुनील कुमार जैन एवं रजनी जैन ने विशेष सौभाग्य प्राप्त किया।
दोपहर के सत्र में सुगंध दशमी पर्व के विशेष अवसर पर भगवान जिनेंद्र देव के समक्ष धूप अर्पित कर धूप खेवन एवं हवन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान के चरणों में सुगंधित धूप अर्पित की। धार्मिक भावना के साथ किए गए इस आयोजन में अष्टकर्मों के दहन का भाव रखते हुए हवन के माध्यम से धूप समर्पित की गई।
मंडावरा, मध्य प्रदेश से पधारे विद्वान श्री चंद्रकुमार जैन शास्त्री जी ने उत्तम संयम धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संयम आत्मकल्याण का आधार है। मन, वचन और काय को संयमित रखते हुए इंद्रियों के विषयों तथा कषायों पर नियंत्रण करना ही सच्चे अर्थों में संयम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में संयम, अनुशासन, अहिंसा और आत्मचिंतन को अपनाने का आह्वान किया।
सायंकाल जैन धार्मिक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने जैन धर्म एवं संस्कृति से जुड़े विषयों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में बच्चों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी रचनात्मकता के माध्यम से जैन संस्कारों एवं धार्मिक भावनाओं को चित्रों में अभिव्यक्त किया।
इस अवसर पर जैन सभा के संरक्षक राजेंद्र जैन, अध्यक्ष सुनील कुमार जैन, उपाध्यक्ष संजय कुमार जैन, कोषाध्यक्ष मितेश जैन एवं महामंत्री सम्भव जैन, निरीक्षक मनोज कुमार जैन, प्रेरक जैन, विभोर जैन, चंद्रप्रकाश जैन, राहुल जैन, मोहित जैन एडवोकेट, अतिशय जैन, शुभम जैन, अरिहंत जैन, अग्रिम जैन, आलोक जैन सहित जैन समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।