*विजयादशमी पर संघ का स्थापना उत्सव : स्वयंसेवकों ने किया आद्य सरसंघचालक प्रणाम*
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संवाददाता नेत्रपाल सिंह ब्यूरो चीफ संभल
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बहजोई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में विजयादशमी पर्व एवं संघ स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन नगर के मोहल्ला ऊपरकोट स्थित कृष्ण मुरारी मनोरमा अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आद्य सरसंघचालक प्रणाम एवं शस्त्र पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने संघ के आदर्शों, राष्ट्रसेवा और सामाजिक समरसता के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जिला संघचालक अनिल शास्त्री ने अपने उद्बोधन में विजयादशमी पर्व के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। संघ की स्थापना का मूल उद्देश्य समाज को संगठित करना, व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना तथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति गौरव का भाव जागृत करना है। संघ की यात्रा में शाखा, संस्कार, अनुशासन और सेवा कार्यों का विशेष महत्व रहा है। एक संगठित एवं जागरूक समाज ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे समाज के बीच रहकर सेवा, समरसता और राष्ट्रभक्ति के भाव को मजबूत करें तथा अपने आचरण से समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत करें। इस अवसर पर सह विभाग प्रचार प्रमुख सम्भव जैन, जिला प्रचारक दीपक कुमार, नगर प्रचारक अमन भारत, जिला बौद्धिक प्रमुख सतीश चंद्र शर्मा, जिला सेवा प्रमुख चेतन्य कुमार सिंह, खंड कार्यवाह अश्विनी कुमार, सह नगर कार्यवाह अंशु गुप्ता, जिला व्यवस्था प्रमुख नवीन कुमार, हर्ष कुमार, विंकल, राजेश शंकर, कौशल शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।