सईयां भए कोतवाल तो अब डर काहे का

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सईयां भए कोतवाल तो अब डर काहे का

Wednesday, December 22, 2021 | December 22, 2021 Last Updated 2021-12-22T10:52:03Z
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सईयां भए कोतवाल तो अब डर काहे का 


बदायूँ/उत्तर प्रदेश
सहसवान : क्षेत्र के ग्राम मचौना की मढैया, खैरपुर खैराती में महिला रेखा पत्नी सियाराम की जगह पर कुछ दबंग जबरदस्ती कब्जा कर निर्माण कर रहे हैं। इसकी शिकायत रेखा ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को दी। मौके पर पुलिस की 112 नंबर गाड़ी पहुंची। पुलिस ने उस समय निर्माण कार्य रुकवा दिया और दोनों पक्षों को थाने पहुंचने को कहा। रेखा अपनी सास बिटोला पत्नी खेतल व जेठ रघुवीर पुत्र खेतल को लेकर थाने पहुंच गई। दूसरे पक्ष से एक व्यक्ति हरिसिंह पुत्र बालकेश थाने पहुंचा। हरीसिंह के दो छोटे भाई चरण सिंह पुत्र बालकेश व राजू पुत्र बालकेश निर्माण कार्य कराते रहे। पुलिस ने रेखा के जेठ रघुवीर पुत्र खेतल व हरि सिंह पुत्र बालकेश को शाम तक थाने में बैठा कर रखा। शाम को जब लेंटर पड़ गया तो 107, 151 में  रघुवीर व हरि सिंह को जमानत पर छोड़ दिया। एक गरीब महिला जिसका पति पिछले 4 साल से गुम है उस महिला के ऊपर 6 छोटे-छोटे बच्चों के भरण-पोषण की भारी जिम्मेदारी है। महिला के पास मात्र दो विश्वा जगह है। स्वयं छोटे-छोटे बच्चों के साथ झोपड़ी में नगर के मोहल्ला मुहीउद्दीनपुर में रहती है। पहले तो इन दबंगों ने रेखा से औने पौने दामों में इसी जगह को खरीदना चाहा लेकिन जब रेखा ने बेचने से इंकार कर दिया तो इन दबंगों ने एक साजिश के तहत पुलिस से सांठगांठ कर लेंटर तक डाल लिया। खैरपुर खैराती क्षेत्र में यह सब बातें आए दिन होती रहती हैं। यह सब पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से होता है। लोग पढ़े लिखे नहीं हैं तो मामलों में उचित कार्यवाही भी नहीं होती है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि हमारे पास निर्माण रुकवाने के आदेश नहीं थे। तो उस गरीब महिला को पुलिस अधिकारी यह नहीं बता पाए कि आप का निर्माण कार्य पुलिस नहीं रुकवायेगी आप सहसवान एस.डी.एम. के पास जाएं। एस.डी.एम. साहब निर्माण रुकवायेंगे। या महिला पक्ष को शाम तक थाने में बैठा कर रखने के आदेश थे? जो केवल लिखित में अपनी शिकायत पुलिस को देने गई थी। पुलिस ने दबंगों से सांठगांठ कर महिला पक्ष को शाम तक इसलिए उलझा कर रखा ताकि वो किसी अधिकारी के पास जाकर निर्माण कार्य समाप्त होने तक शिकायत ना कर सके? जबकि योगी सरकार इस तरह के अवैध कब्जों को तुरंत खाली कराने के बार-बार प्रशासन को आदेश दे रही है। लेकिन प्रशासन किसी भी हालत में सरकार की मंशा को पूरी नहीं होने देना चाहता। अधिकारियों की इसी मानसिकता की वजह से सरकार की छवि धूमिल हो रही है।

 बदायूं से जिला संवाददाता मुकेश मिश्रा की रिपोर्ट
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