*जिला बदायूँ के जिलाधिकारी ने एक श्वान और उसके बच्चों को किया घर से बेघर।*
नेशनल 24 लाइव न्यूज़
जिलाधिकरी आवास पर एक कुतिया ने छः बच्चों को जन्म दिया था। बच्चे लगभग एक महीने के हो चुके थे। जिलाधिकारी आवास जो कि बीघों जगह में बना हुआ है, वहां इन बेजुवानो को रहने की जगह नहीं। नए साल पर जिलाधिकरी ने उन बेजुवानों को नगर पालिका कर्मचारियों से कह के आवास से हटवा दिया। नगरपालिका कर्मचारियों ने उन बेजुवानों के बारे में ना सोचते हुए वन विभाग के दफ्तर के पास ऐसे ही छोड़ दिया। मामला पीपल फ़ॉर एनिमल्स के अध्यक्ष विकेंद्र शर्मा और सचिव लवकेश गुप्ता को पता लगा उन्होंने सम्पूर्ण मामला सांसद मेनका गांधी के संज्ञान में डाला। पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा और सचिव लवकेश गुप्ता ने उन पिल्लों को वन विभाग रोड पर ढूंढने की काफी कोशिश की पर नाकामयाब रहे। वहीं ग़ाज़ियाबाद के जिलाधिकारी एक ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने एक ऐसा आदेश जारी किया है जिसमें गली/कॉलोनी के कुत्तों को कहीं दूसरी जगह छोड़ना गैर कानूनी होगा और एक जिला बदायूँ की जिलाधिकारी हैं जिनके मन मे इन बेजुवानों के प्रति कोई दया भावना नहीं है
इस संबंध में जब सांसद मेनका गाँधी ने जिलाधिकारी और नगरपालिका अध्यक्ष दीपमाला गोयल से बात करके उन पिल्लों को सुरक्षित जगह रखवाने को तथा बेजुवानो के प्रति दया भावना के साथ व्यवहार करने को भी कहा।