ग्रामपंचायत काशियाँव का पंचायत भवन बना टेंट हाउस गोडाउन,बीडीओ को जानकारी ही नही
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से आ रही है बड़ी खबर आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की मड़ियाहूं तहसील अंतर्गत रामनगर ब्लाक स्थित ग्राम पंचायत काशियांव में ग्राम पंचायत भवन पूर्ण रूप से जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है
इस पंचायत भवन के आसपास ना तो सफाई होती है और ना ही किसी तरीके का रखरखाव होता है कमाल की बात यह है कि यूं तो सरकारी संपत्ति में किसी भी प्रकार का कमर्शियल उपयोग नहीं किया जाना चाहिए
लेकिन इस खंडहर रूपी पंचायत भवन में टेंट हाउस का सामान रखा हुआ है जो कि आप वीडियो में देख पा रहे होंगे आपको बता दें
कि इस पंचायत भवन को पूर्व के खंड विकास अधिकारी नितिन जी ने धवस्तीकरण के लिए भी कहा था क्योंकि यह इतना जर्जर हो चुका है किस पंचायत भवन में जिर्णदोधार कराना लगभग नामुमकिन है
जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार में हर गांव में ग्राम सचिवालय की स्थापना हो रही है वही जौनपुर जिले के इस ग्राम पंचायत में पंचायत भवन भी नहीं है
ग्रामसचिवालय तो बहुत दूर की बात है जो पंचायत भवन कई वर्षों पहले बना था वह इतना जर्जर हो चुका है वहां पर कोई बैठता ही नहीं और सबसे कमाल की बात यह है कि इस पंचायत भवन में टेंट हाउस का सामान रखा हुआ मिला।
तस्वीरों में आप देख पा रहे हैं विकासखंड रामनगर के सचिवों के ग्राम पंचायत में बैठने की समय सारणी है आपको बता दें कि ग्राम पंचायत कसियांव के पंचायत अधिकारी है कमलेश जी और इनको सोमवार को 10:00 बजे से 12:00 बजे तक ग्राम पंचायत भवन पर बैठना होता है सवाल ये उठता है जब पंचायत भवन इतनी जर्जर स्थिति में है
तो कमलेश जी हर सोमवार को बैठते कहां है अजब गांव में ग्राम पंचायत भवन है तो क्यों कोई गांव वासी किसी अन्य निजी स्थान पर जाए अपनी समस्याओं को लेकर जब गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी बैठते ही नहीं है
तो इस ग्राम पंचायत की समस्याएं जैसे सड़क की समस्या नाली की समस्या गंदगी की समस्या किसे दुखड़ा सुनाने जाएंगे ग्राम प्रधान पति मुकेश सिंह से विकास के बारे में अगर कोई भी बात की जाए तो वह बताते हैं
कि हमारे पास फंड नहीं है सवाल यह उठता है कि जब उत्तर प्रदेश सरकार हर ग्राम पंचायत में विकास के लिए पैसे दे रही है तो आखिर क्या वजह है कि इस ग्राम पंचायत ने फंड की इतनी कमी है कि ग्राम पंचायत भवन तक नहीं बन पाया ना ही यहां की सड़कों की साफ-सफाई हो पाई है
आपको तस्वीर में एक ऐसी सड़क दिखाएंगे जहां पर हर वक्त पानी भरा होता है गंदे पानी से आमजन आने जाने को मजबूर स्थिति में दिखाई देते हैं और यह तो सड़क का स्थिति है जब मैं बात करूं इस ग्राम पंचायत में तो गांव का वह स्थान जहां पर चौरा माता मंदिर है
बरसात के दिनों में वहां पर भी जलजमाव की भीषण समस्या होती ऐसे में बरसात में उत्पन्न होने वाले बीमारियों से कैसे ग्रामीण बचेंगे और कैसे उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा कैसे वहां पर आवागमन होगा सामने नवरात्रि की त्यौहार है
और आप सब जानते हैं नवरात्रि के त्यौहार पर मां दुर्गा की पूजा करने के लिए संपूर्ण गांव की महिलाएं माता के मंदिर में आते हैं जब माता के मंदिर पर आने जाने का कोई पहुंच मार्ग ही नहीं है
तो कैसे ग्रामीण महिलाएं नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी की पूजा अर्चना करेंगी जब इस बारे में रामनगर ब्लाक स्थित खंड विकास अधिकारी कार्यालय पर जाकर पता करना चाहा तो 10:20 तक वहां पर जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित ही नहीं थे
जब हमारे संवाददाता ने फोन के माध्यम से विकास खंड अधिकारी रामनगर से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं अस्वस्थ हूं और इसी वजह से मैं कार्यालय पर नहीं आया हूं
ग्राम पंचायत भवन के रखरखाव के बारे में उनसे पूछने पर उन्होंने बताया कि यह जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सहायक की होती है और किसी भी पंचायत भवन या किसी भी सरकारी स्थान पर किसी भी तरीके का कमर्शियल उपयोग मना है
सवाल यह उठता है कि जब किसी भी सरकारी भवन पर कमर्शियल उपयोग मना है तो आखिर किसके सह यहां पर टेंट का सामान रखा हुआ है क्या ग्राम पंचायत अधिकारी कमलेश जी अपनी ड्यूटी ओके निर्वाहन को सही तरीके से कर रहे हैं
अगर वह सही तरीके से अपने ड्यूटी का निर्वहन करते तो उन्हें पता होता कि ग्रामीण जल आवागमन की समस्याओं से परेशान हैं इस ग्राम पंचायत में मुश्किल से ही विकास दिखाई पड़ता है
और ग्राम पंचायत की स्थिति यह है कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद भी चौरा माता मंदिर पर कोई भी पहुंच मार्ग नहीं बन पाया आज तक सबसे बड़ी बात यह है
खंड विकास अधिकारी कार्यालय में सारे लोग समय पर ना आने की आदत को अपना कर बैठे हैं ऐसे में ग्रामीण जन अखिल जाएं तो जाएं कहां