विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था बदहाल
शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के सभी प्राथमिक एव माध्यमिक शालाओ में पेयजल व्यवस्था हेतु हेंडपंप स्थापित कर विद्युत मोटर से टंकी भर कर छात्रों को लगी टोंटी से पानी पीने की व्यवस्था बनाई गई है।
परंतु जनपद शिक्षा केंद्र अमरपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला देवरी और माध्यमिक शाला देवरी के हैंडपंप में मोटर लगाकर पाइप लाइन टंकी स्थापित किया गया। जो तबसे से बंद पड़ी है
छात्रों को दूर स्कूल से लगभग 300 मीटर दूर स्थित हैंडपंप में जाकर पानी लेने जाते हैं वो आप तस्वीर से अंदाजा लगा सकते है। यह नन्हे मुन्ने बच्चे प्राथमिक शाला देवरी स्कूल के बच्चे है
जो लगभग 15/20 लीटर की बाल्टी में पानी भर कर स्कूल ले जाते है। इन बच्चो से पूछा गया तो बच्चो ने कहा की। भैया हमारे विद्यालय में पानी की सुविधा ही नहीं है। इसलिए यह बड़ी सी बाल्टी में हम लोग नल से पानी लेकर आते है।
जो हमारे पीने के काम आते है। यह बाल्टी बहुत वजन लगती है लेकिन हम लोग चार लोग आते हैं। और दो दो लोग करके आधी आधी दूर तक धीरे धीरे करके हम स्कूल पहुंचा देते है। बच्चो का कहना है
की नल से पानी ले जाते तक में स्कूल तक पहुंचने तक में पसीने पसीने हो जाते है।
क्या करे आखिर मजबूरी सी बन गई है जो पाइप लाइन टंकी स्कूलों में स्थापित किया गया है।
शायद यह योजना ठेकेदारों की आय बड़ाने को बनाया गया है। जानकारी यह भी मिली है की जहा भी यह व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। सभी इसी प्रकार से बंद पड़ी हुई है। चाहे वह स्कूल हो आंगनबाड़ी हो,
या अन्य शासकीय कार्यालय हो सभी इसी प्रकार से बंद पड़ी हुई है। शायद इस व्यवस्था पर किसी भी अधिकारी की नजर नहीं पड रही हैं।
या फिर जानबूझकर अनदेखी करी जा रही हैं। जिसका खामियाजा शालाओं में पढ़ाई करने वाले नन्हे मुन्ने छात्रों को झेलनी पड़ रही है।