प्रधानमंत्री जी की मुहिम " सेल्फीl विद डॉटर " को गति देती ह्यूमन चेन की स्टेट सेक्रेटरी - डॉ. उज्मा कमर
बड़ी संख्या में लोग इस मुहिम में बने भागीदार सोशल मीडिया पर भी बेटी संग सेल्फ़ी के साथ बने मुहिम का हिस्सा
*बरेली। जहां देश के प्रधानमंत्री* ने बेटी संग सेल्फ़ी का आह्वान किया बही हरियाणा के बीबीपुर गांव से शुरू हुई जाने माने समाजसेवी सुनी जागलान के द्वारा चलायी जा रही मुहिम अब देश व विदेश में प्रसिद्धि पा रही है।
देश, धर्म और जाति के बंधन के बाहर लोग बेटियों के प्रोत्साहन के लिए इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। सुनील जागलान के आह्वान पर बरेली की रहने वाली डॉक्टर उज्मा कमर ने इस कार्यक्रम को तेजी प्रदान की है।
समाजसेवी संगठन ह्यूमन चेन ने पूरी दुनिया से लोगों को अपने साथ जोड़ा है। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं दिव्यांगता से जुड़े लोगों को अपने साथ जोड़ने से जैसे इस मुहिम को पंख लग गए हैं।
ड़ा उज्मा ने अपने ह्यूमन चेन के सोशल मीडिया पेज के द्वारा अपनी इस मुहिम को हजारों लोगों तक पहुंचा दिया है। सेल्फी के साथ साथ दिव्यांग व्यक्ति दिव्यांग बालिकाएं, शिक्षक, शिक्षिकाएं व चिकित्सा जगत से जुड़ी हस्तियां, दिव्यांगों के पुनर्वास से जुड़े लोग,
संस्थाओं के डायरेक्टर, प्रोफेसर एवं सभी छोटे बड़े पदों पर काम करने वाले कर्मचारी सभी अपनी बात कह रहे हैं तथा बेटियों के लिए प्रतिभागी हो रहे हैं। वह बेटियां जो अभाव में, दबाव में, अपने विचारों को व्यक्त नहीं कर पा रही थीं, किसी मानसिक कुंठा से ग्रसित थीं,
खुलकर अपनी बात कर पा रही हैं। ऐसे सैकड़ों उदाहरण आपको ह्यूमन चेन की फेसबुक टाइमलाइन पर मिल जायेंगे। वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी एवं भजन गायक आशीष जौहरी के अनुसार ह्यूमन चेन की स्टेट सेक्रेटरी डॉ उज्मा कमर जी जनमानस के लिए अनेकों मंचों से उनके लिए
पुरजोर आवाज के रूप में बहुत लम्बे समय से कार्यरत हैं। डॉ उज्मा कमर जी एवं उनकी पूरी टीम बधाई के पात्र हैं। इस मुहिम के माध्यम से महिलाओं ने, बालिकाओं ने अपने खुले विचार रखे हैं और समाज को सोचने पर मजबूर किया है कि अभी कहां और काम होने की जरूरत है,
कहां और जागरूकता लाने हैं, कौन-कौन से क्षेत्र अनछुए हैं , समाज के जिम्मेदार लोगों को सामाजिक संस्थाओं को राजनीति से जुड़े लोगों को पदाधिकारियों को विचार करने की आवश्यकता है।
ह्यूमन चेन इस मुहिम के माध्यम से समाज में यह संदेश भी देना चाहता है की नकारात्मकता को छोड़कर नकारात्मकता भरी सोच से एक साधारण व्यक्ति भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।