गरीब किसानों व दुकानदारों को बेसहारा न बनाए नगर पालिका : शंखधार
मिलक। नगर पालिका परिषद मिलक क्षेत्र में साप्ताहिक बाज़ार सप्ताह में दो दिन सोमवार व शुक्रवार को लगाई जाती है।
वर्तमान में नगर पालिका परिषद द्वारा इसी बाज़ार में दुकानदारों के अस्थाई फड़ों को उजाड़कर पक्की दुकानों का निर्माण कार्य कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
दुकानदारों ने सभी अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन सभी जगह निराशा हाथ लगी है। आख़िर में भारतीय किसान संघ रामपुर के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार के कार्यालय पर पहुंचे और अपनी पीढ़ा सुनाई तथा एक पत्र भी सौंपा गया है।
जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने सभी किसानों व दुकानदारों को पूरा भरोसा दिया है कि उच्च अधिकारियों से वार्ता करके समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा तथा आवश्यकता होने पर हाई कोर्ट की शरण में भी जाएंगे।
शंखधार ने बताया कि सैकड़ों किसान अपनी छोटी छोटी ज़मीनों में सब्ज़ी उगाकर बाज़ार में बेचकर अपने परिवारों का गुज़ारा करते हैं तथा गाटा संख्या 429 में कुल 1.5820 जो कि खतौनी में बाज़ार के नाम से दर्ज़ है
इसमें नगर पालिका परिषद को प्रति वर्ष बाज़ार से तीस लाख रुपए की आमदनी होती है। उसके बाद भी गरीबों की दुकान उजाड़ना उचित नहीं है। अगर इस बाज़ार में पक्की दुकानें बनती हैं तो वह गरीबों को कहां मिल सकेंगी।
क्योंकि एक दुकान की क़ीमत लगभग बीस लाख रुपए से ऊपर होगी। जबकि देश के प्रधानमंत्री द्वारा फड़ और ठेले बालों को स्थाई दुकान बनाकर दी जा रही है जैसे कि रामपुर नगर में देखा जा सकता है।