घर आए रघुराई: शुभ घड़ी में राघव-सिया ने लिया जन्म, माताओं के खिले चेहरे, रामोत्सव पर परिवारों में दोगुना जश्न
संभल में रामोत्सव के मौके पर 100 से ज्यादा बच्चों ने जन्म लिया। इससे उनके परिजनों में दोगुना जश्न का माहौल है। नवजातों को राम और जानकी के नाम से पुकारा जाने लगा। सबसे ज्यादा 11 नवजात बहजोई सीएचसी में पैदा हुए।
संभल में रामोत्सव के जश्न के दौरान किसी घर में राम तो कही जानकी की किलकारी गूंजी। इससे रामोत्सव की खुशी और बढ़ गई। इस दिन के लिए कई दंपती ने योजना भी बनाई थी और चिकित्सकों से 22 जनवरी का समय ले लिया था। श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक दिन शिशु का जन्म हुआ तो जय श्री राम के उद्घोष सुनाई दिए।
संभल में रामोत्सव के जश्न के दौरान किसी घर में राम तो कही जानकी की किलकारी गूंजी। इससे रामोत्सव की खुशी और बढ़ गई। इस दिन के लिए कई दंपती ने योजना भी बनाई थी और चिकित्सकों से 22 जनवरी का समय ले लिया था। श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक दिन शिशु का जन्म हुआ तो जय श्री राम के उद्घोष सुनाई दिए।
जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में 100 से ज्यादा नवजात ने जन्म लिया है। इसमें गौर करने वाली बात यह है कि ज्यादातर बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ। इससे परिवारों की खुशी और बढ़ गई।
नवजात को कहीं जानकी तो कहीं राम कहकर पुकारा गया। बहजोई सीएचसी में सबसे ज्यादा 11 नवजात का जन्म हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी नवजात की सेहत ठीक है। हालांकि जच्चा-बच्चा की निगरानी की जा रही है।
निजी अस्पतालों में गूंजी किलकारी
श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दिन प्रसव के लिए निजी अस्पतालों के चिकित्सकों से 22 जनवरी की तिथि ली थी। संभल, चंदौसी, बहजोई, गुन्नौर के निजी अस्पताल में 50 से ज्यादा नवजात ने जन्म लिया है।
चिकित्सकों का कहना है कि दंपती ने प्राण प्रतिष्ठा के दिन को देखते हुए तिथि तय की थी। इसमें किसी-किसी का ऑपरेशन भी हुआ है। हालांकि ज्यादातर का प्रसव सामान्य रहा।बेटे ने लिया जन्म तो पिता ने कहा राम आए
चंदौसी के मोहल्ला खुर्जा गेट निवासी विशाल गुप्ता की पत्नी रुचि ने सोमवार की सुबह करीब आठ बजे चंदौसी सीएचसी में बेटे को जन्म दिया। जानकारी विशाल गुप्ता को हुई तो उन्होंने कहा कि उनके घर भी राम आए हैं।
विशाल गुप्ता ने बताया कि जब अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। उसी दिन मेरे घर बेटे ने जन्म लिया है। इसलिए सारे परिवार ने राम ही पुकारा है। अब नाम भी राम ही रहेगा।
चार बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ है। एक नवजात का जन्म ऑपरेशन के बाद हुआ है। सभी की सेहत ठीक है। हालांकि एहतियाती तौर पर जच्चा और बच्चा की निगरानी की जा रही है। -डाॅ. अनूप अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल, संभल
इन सरकारी अस्पताल में हुए प्रसव
जिला अस्पताल : 05
सीएचसी संभल : 01
सीएचसी चंदौसी : 08
सीएचसी बहजोई : 11
सीएचसी गुन्नौर : 11
सीएचसी रजपुरा : 04
सीएचसी जुनावई : 05
सीएचसी नरौली : 02