संदेशखाली (पश्चिमबंगाल) में महिलाओं पर अत्याचार के विरोध में सौंपा ज्ञापन

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संदेशखाली (पश्चिमबंगाल) में महिलाओं पर अत्याचार के विरोध में सौंपा ज्ञापन

Thursday, March 7, 2024 | March 07, 2024 Last Updated 2024-03-07T10:00:05Z
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सम्भल बहजोई

संदेशखाली (पश्चिमबंगाल) में महिलाओं पर अत्याचार के विरोध में सौंपा ज्ञापन

बहजोई: संदेशखाली (पश्चिम बंगाल) में महिलाओं, बच्चों एवं परिवारों पर हो रहे अमानवीय अत्याचारों एवं हिंसा के विरोध में महिला समन्वय समिति, सम्भल ने ज्ञापन सौंप कर विरोध जताया।


गुरुवार को महिला समन्वय समिति जनपद सम्भल के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी सम्भल को सौंप कर घटनाओं की निंदा करते हुए विरोध जताया, वक्ताओं ने कहा कि ये घटनाएं,


 जो निरंतर हो रही थीं ईडी के अधिकारियों पर हमला होने के बाद और शहजाद शेख के फरार होने के बाद ही सामने आ सकी। राजनीति और धार्मिक कारणों से प्रेरित ये कृत्य पुलिस प्रशासन एवं पश्चिम बंगाल सरकार की नाकामी को उजागर करते हैं।


 बच्चों और महिलाओं के साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार, यौन उत्पीड़न, मार-पीट की अनेकों घटनाएं लगातार निकलकर सामने आ रही हैं। अपराधियों द्वारा जमीन हड़पने के कितने ही मामले लगातार उजागर हो रहे हैं।


 इन घटनाओं से पश्चिम बंगाल की महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा की चिंताजनक स्थिति सामने आई है। स्थिति इतनी भयानक है कि कई दिनों से हो रहे अत्याचारों की घटनाओं के बाद भी पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की थी। राजनैतिक, धार्मिक,


 आर्थिक मुद्दों में महिलाओं एवं बच्चों को निशाना बनाना अत्यंत अमानवीय, अपमानजनक एवं पीड़ादायक है। हम इन दर्दनाक घटनाओ की घोर निंदा एवं विरोध करते हैं। साथ ही ज्ञापन द्वारा राष्ट्रपति महोदया से मांग करते हैं कि पश्चिम बंगाल में हो रहे इन कृत्यों के लिए


दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। सभी दोषियों के खिलाफ मुकदमें दर्ज करके जल्द गति न्यायालय (फास्ट ट्रॅक कोर्ट) में केस चलाकर शीघ्र न्याय दिया जाए। सभी पीड़ित महिलाओं, बच्चों एवं परिवारों को सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान की जाए। पश्चिम बंगाल सरकार एवं पुलिस तुरंत इस पर कार्रवाई करें

केंद्रीय गृह मंत्रालय तुरंत ही इन सभी घटनाओं का संज्ञान लेकर भारतीय संविधान एवं अन्य कानूनों के तहत उपयुक्त कार्रवाई करे। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,


 राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा इन संवेदनशील घटनाओं में दखल देने का हम स्वागत करते हैं। इस अवसर पर जिला महिला संयोजिका प्रतिज्ञा गर्ग,

 दीपा वार्ष्णेय, वर्षा गुप्ता, नीलम गुप्ता, रुपाली गुप्ता, सुषमा दुबे, गायत्री आर्या, मुदिता गुप्ता, मंजू आर्या, डॉ रश्मि वार्ष्णेय, रश्मि शर्मा, शीतल वार्ष्णेय, कल्पना आदि महिलाएं उपस्थित रहीं।
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