हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम की प्रकटोचत्सव

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हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम की प्रकटोचत्सव

Saturday, May 11, 2024 | May 11, 2024 Last Updated 2024-05-11T08:13:08Z
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हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम की प्रकटोचत्सव

एटा-भगवान परशुराम मंदिर अरूणा एटा से जीटी रोड से बस टेण्ड से ठंडी सड़क और होली मौहल्ले से कैलाश मंदिर से जीटी रोड से कचहरी रोड से सिविल लाइन चौकी से आगरा रोड फिर मन्दिर वापस आई,भगवान विष्णु के अवतार भगवान परशुराम की प्रकटचोत्सव बड़ी धूमधाम


 से हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। सबसे पहले भगवान परशुराम की प्रतिमा पर दीप प्रजुल्लित कर पुष्प अर्पित किए। फूल माला पहनाई गई। आरती बंदना स्तुति की गई।राजा प्रसेनजित की पुत्री रेणुका और भृगुवंशीय जमदग्नि के पुत्र थे। वे विष्णु के अवतार और शिव के परम भक्त थे।

 इन्हें शिव से विशेष परशु प्राप्त हुआ था। इनका नाम तो राम था, किन्तु शंकर द्वारा प्रदत्त अमोघ परशु को सदैव धारण किये रहने के कारण ये परशुराम कहलाते थे।असम राज्य की उत्तरी-पूर्वी सीमा में जहाँ ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करती है, वहीं परशुराम कुण्ड है,


 जहाँ तप करके उन्होंने शिवजी से परशु प्राप्त किया था। वहीं पर उसे विसर्जित भी किया। परशुराम जी भी सात चिरंजीवियों में से एक हैं। इनका पाठ करने से दीर्घायु प्राप्त होती है। परशुराम कुंड नामक तीर्थस्थान में पाँच कुंड बने हुए है। एक बार उनकी माँ जल का कलश लेकर भरने के लिए नदी पर गयीं। वहाँ गंधर्व चित्ररथ अप्सराओं के साथ जलक्रीड़ा कर रहा था। उसे देखने में रेणुका इतनी तन्मय हो गयी


 कि जल लाने में विलम्ब हो गया।तथा यज्ञ का समय व्यतीत हो गया। उनकी मानसिक स्थिति समझकर जमदग्नि ने अपने पुत्रों को उसका वध करने के लिए कहा। परशुराम के अतिरिक्त कोई भी ऐसा करने के लिए तैयार नहीं हुआ। पिता के कहने से परशुराम ने माँ का वध कर दिया।


पिता के प्रसन्न होने पर उन्होंने वरदान स्वरूप उनका जीवित होना माँगा। परशुराम के पिता ने क्रोध के आवेश में बारी-बारी से अपने चारों बेटों को माँ की हत्या करने का आदेश दिया। परशुराम के अतिरिक्त कोई भी तैयार न हुआ। अत: जमदग्नि ने सबको संज्ञाहीन कर दिया।


परशुराम ने पिता की आज्ञा मानकर माता का शीश काट डाला। पिता ने प्रसन्न होकर वर माँगने को कहा तो उन्होंने चार वरदान माँगे जिसमें पहला बरदान मांगा हमारी माँ पुनर्जीवित हो जायँ,उन्हें मरने की स्मृति न रहे,
भाई चेतना-युक्त हो जायँ और


मैं परमायु होऊँ। इस प्रकार भगवान परशुराम ने अपने पिता से वर मांगे। और अपनी माता को जीवित कर लिया।भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के मौके पर मेला गिरीश शर्मा महासचिव वार ऐसोसिएशन,डॉ रजनी कांत शर्मा कांग्रेस नेता अध्यक्ष अतिथि निवास गैस्ट हाउस, डॉ अमर मिश्रा अनुज गिरीश मिश्रा एडबुकेट सपा नेता पूर्व चेयरमैन,


सर्वेश उपाध्याय भाजपा नेता चैयरमैन प्रतिनिधि मिर्ची, उत्सव भारद्वाज वसपा नेता , डॉ तरुण शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू स्वतंत्र, दीपक शर्मा, संदीप दीक्षित, हिमांशु तिवारी,असीत दीक्षित, स्वागत पचौरी युवा नेता भाजपा उधौगपति , अखिलेश दीक्षित सभासद, सुनील शर्मा सभासद,

नीरज शर्मा एडवोकेट दीपाशीष, डॉ गोड़ कांग्रेस नेता,गोरब दीक्षित,अभिनव मिश्रा कोनटेक्टर पीएम केवी प्रोजेक्ट, दीपक पंडित ओनघाट, सन्तोष पचौरी लालपुर एटा, आदि विप्र थे

विप्रो के मेला में उमड़ा जनसैलाब, भगवान परशुराम के दिव्य दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

अक्षय तृतीया पर पिछड़े जिलों में सुमार जनपद एटा के नेतृत्व विहीन नेताओं के साथ कैम्प भी गायब, पुलिस के शर दर्द बने विप्र झड़पों के साथ सम्पन्न हुआ मेला
रुट चार्ट चैंज को पुलिस खुली झड़पों के बीच मेला निकाला

भारत की राजनीति में फरसा धारी देव के कुल वंशों की धमक पूरे-पूरे शोर गुल के साथ दिखती हैं, इनमें श्री प्रकाश जैसे ज्वलंत शील अंगारे दहक उठते हैं, दुवे कानपुर बाले के नाम थर्रा उठा धरती का कौना कौना ऐसे बीरो से भरी पड़ी है,

 विप्रो के पुत्रों की Exclusive चर्चा है, लेकिन भारत में अक्षय तृतीया दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है,धन कीर्ति आयु के स्वामी भगवान परशुराम से लम्बी आयु लेने वाले भगवान को श्रद्धा सुमन अर्पित कर पूजते है, तो लोगों के कार्य भी इस तिथि को सबसे बड़ा नक्षत्र माना गया है, भारत एवं विलायत में मिलाकर रडुओ के हुए दस करोड़ से ज्यादा शादियां एवं अन्य कार्य है, उत्तर प्रदेश की धरा पर अवतरित हुए भगवान परशुराम जन्म स्थान जलालाबाद है,


तो उत्तर प्रदेश की कांति धरा एटा जिले में भगवान परशुराम की पूजा स्थली परसोंन में भगवान शिव मंदिर वना हुआ है,एटा जनपद में सोए विप्रो ने अठारह वर्ष बाद निंदा त्याग कर भगवान परशुराम शोभा यात्रा निकाली थी, जिसमें भगवान परशुराम मंदिर अरूणा नगर से मेला चल कर बस टेण्ड से ठंडी सड़क से होली मौहल्ले होता हुआ निकला तो नेताओं के कैम्प भी एटा शहर से नेताओं की भांति अदृश्य दिखे,

कैलाश मंदिर मार्ग पर चैयरमेन ने कैम्प में विप्रो को पगड़ी एवं पटका पहना कर स्वागत किया तथा पानी से लेकर आइसक्रीम के साथ आशीर्वाद लिया, जैसे ही कैलाश मंदिर के सामने आए बैसे ही विप्रो का कैंप डॉ अनुज शर्मा एवं अजीत शर्मा ने ब्रांडेड लस्शी से लेकर बांड शिकंजी एवं फूरूटी आदि देकर आशीर्वाद लिया और भगवान परशुराम की आरती उतारी तथा जीटी रोड होते हुए कचहरी रोड से होते हुए

 लालपुर से सिविल लाइन चौकी होते हुए आगरा रोड पर बरोप सोप पुलिया पर डॉ अनिल जी ने आइस्क्रीम शोप पर फलावदा पिला कर स्वागत किया और जनता मंदिर होते हुए भगवान परशुराम मंदिर में मेला लीन हो गया, पुलिस से झड़पों के साथ नेताओं के अदृश्य चर्चा का मुख्य एजेंडा रहा है, खबर लिखे जाने तक पुलिस ने विप्रो को सम्मान के साथ पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराई जिसके लिए पुलिस मुखिया को कोटि-कोटि धन्यवाद,
*मानवता शर्मशार* जहां एक तरफ पैंतालीस पारा चढ़ा है, लोगों में गर्मी की व्याकुलता साफ नजर आती है, बड़े टेंपरेचर में मर्यादा शर्मशार कर दी विपक्ष एवं सत्ता एवं प्रशासन आदि कैंप अदृश्य हो गए, जहां एक तरफा धर्म गुरुओं के मेला में इसे घोर अपमान न कहा जाए तो क्या कहां जाएं,


इस्लाम धर्म में मौलाना/मौलवी के एक फरमान पर धरा चैंज में लग जाते है, मिशनरी में फादर के आदेश पर सब उधल पुतल तैयार रहता है, तो सनातन धर्म गुरुओं का घोर अपमान न कहा जाए तो इसे क्या कहा जाए, साहब अपने धर्म के न हो सके चाटुकार ने फर्जी इश्क वना रखा है,इसका खामियाजा आने वाले चुनाव बताएंगे,
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