आईपीएस को राजनीति षडयंत्र रच बदनाम करने का खेल खेला
सहाब ई० नौकरी छोड़ आईपीएस अधिकारी बन उत्तर पुलिस को हाइटेक बनाया
दिल्ली -उत्तर प्रदेश के पिछड़े जिलों में सुमार जनपद एटा को एक आईपीएस अधिकारी ने जिले को नई पहचान दिलाई थी,जी हां वो ही साहब है, जो इंजीनियरिंग में लाखों के पैकेज को ठुकरा कर दो जून की रोटी में सुकून लेते है,
आईपीएस कैंटर पास कर पुलिस को हाइटेक बनाया आपको बताते चले छोटे से शहर से निकल कर अपनी अलग थलग पहचान हासिल करके अपने कुल का मान सम्मान बढ़ाने बाले एक साधारण सा बच्चा जो पड़ने लिखने में अब्बल रह कर
इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग बन लाखों रुपए से अधिक मासिक पैकेज पाने वाले मां सरस्वती पुत्र ने लाखों के पैकेज को ठुकरा दिया और आईपीएस परीक्षा पास कर उत्तर प्रदेश राज्य में पुलिस विभाग ज्वाइन कर लिया और इंजिनियरिंग का जज्बा विभाग को दिखाए,
पिछड़े जिलों में सुमार जनपद एटा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद तैनात रह कर पुलिस विभाग को हाइटेक बनाया जिसमें पुलिस जवान के छुट्टी के लिए ईआरपी सोफ्टवेयर तैयार किया जिससे पुलिस जवान ईआरपी में छुट्टी मैपिंग रहती एवं स्वीकृति होने में आसानी रहती है,
तेजतर्रार आईपीएस आशीष तिवारी का जनपद एटा हमेशा ऋणी रहेगा, तेजतर्रार आईपीएस भगवान राम की जन्म भूमि पर एटा से स्थानांतरण में गये,
उसके बाद पड़ोसी जनपद फिरोजाबाद में अभी तक रहे लेकिन नटवरलाल जानबूझ कर तेजतर्रार आईपीएस को बदनाम करने के मकसद से सोशल मीडिया नेटवर्क पर आशीष गोयल की काली करतूत को आईपीएस की बताने वाले पर आखिर कार्यवाही कब होगी,
आखिर कब तक शिकार बनेंगे ईमानदार अफसर
ईमानदार अफसरों की सूची वैसे भी बहुत छोटी है, ज्यादा तर बेईमानों का वोल वाला है, कलयुग में बेईमान धन दौलत सौरत चर्म सीमा से अधिक कमा रहे है, ईमानदार अफसरों को जानबूझ कर मानसिक एवं आत्मिक तथा शोषण का शिकार खुलेआम सोशल मीडिया साइट के माध्यम से बदनाम करने का प्रोपजंडा राजनीति षडयंत्र रच बदनाम करने का खेल खेला जा रहा है,
पूछता है आईपीएस लॉबी किस के संरक्षण में खुलेआम बचकानी हरकतें
आईपीएस लॉबी बहुत ज्यादा नाराज है, जानबूझकर दरिंदे कृत्य कर सोशल मीडिया नेटवर्क का दुर्पयोग करने वाले निरंकुश वेलगाम भष्ट्र दरिंदे पर आईटी एक्ट में एफआईआर दर्ज क्यों नही कराती सरकार आखिर कब तक संरक्षण प्रदान होता रहेगा,
सरकार की धज्जियां उड़ाई बाले टिकिया नेता के सहयोग पर कर रहे है, ये आशीष तिवारी तेजतर्रार आईपीएस का प्रकरण नही है, संत सरकार को बदनाम करने का प्रयास है, आईपीएस लॉबी सीधे तौर पर सरकार की जिम्मेदारी पर रहती है,
इसलिए संत सरकार को कठोर दण्ड देते हुए ऐसा कृत्य करने वाले को फैसला ओन दा स्पोर्ट्स पुलिस मुठभेड़ से दिलाना चाहिए,
जांच पड़ताल में कहानी निकली
चंडीगढ़: पंजाब के सस्पेंडेड एआईजी आशीष कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो एक महिला को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहा है। ये वो वीडियो है
जिसे महिला के वकील ने हाईकोर्ट के जज को पेशी के दौरान दिखाया था। इस वीडियो में आशीष कपूर उस महिला को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे है। ये 2018 का वीडियो है, जो जीरकपुर थाने का है। कोर्ट ने विजीलेंस अधिकारी से वीडियो की पुष्टि करवाई।
कोर्ट ने इस वीडियो पर पंजाब सरकार के वकील से जवाब मांगा था। आशीष कपूर पर महिला से एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में आशीष कपूर को जमानत देने से इनकार कर दिया है।