युवतियों व महिलाओं को स्कूटी चलाने का शौक लेकिन लाइसेंस बनवाने में रुचि नहीं

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युवतियों व महिलाओं को स्कूटी चलाने का शौक लेकिन लाइसेंस बनवाने में रुचि नहीं

Sunday, June 23, 2024 | June 23, 2024 Last Updated 2024-06-23T11:56:09Z
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युवतियों व महिलाओं को स्कूटी चलाने का शौक लेकिन लाइसेंस बनवाने में रुचि नहीं

बंदायूं में महिलाओं और युवतियों में स्कूटी व कार चलाने का क्रेज बढ़ा है। हर मार्ग पर दोपहिया और चार पहिया वाहन चलाती महिलाएं व युवतियां मिल जाएंगी। लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में उनकी रुचि नहीं है।


 आजकल सडक पर अधिकतर महिलाएं,व युवतियां, कार स्कूटी,बाईक सरपट दौड़ाती मिल जाऐगी। मगर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में उनकी रूचि नहीं है,अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष सिर्फ 47 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया हैं।

भाग-दौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं और युवतियों को नौकरी पेशा , स्कूल, कालेज व अन्य घरेलू कार्यों के लिए वाहनों को चलाने की आवश्यकता हो रही है। इसके कारण महिलाएं वाहन चलाना सीख रही हैं।

 हर मार्ग पर महिलाएं दोपहिया से लेकर चार पहिया वाहनों को दौड़ाती हुई दिखती हैं। स्कूटी उनकी खास पसंदीदा है। शहरों ही नहीं कस्बाई क्षेत्रों में भी महिलाओं में वाहनों को चलाने को लेकर रुचि बढ़ी हैं।

ग्रामीण क्षेत्र से युवतियां पढ़ने, छोटे बच्चों को स्कूल छोड़ने बाजार से खरीदारी करने सहित अन्य कार्यों के लिए स्कूटी से आती हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं ऐसी होती हैं जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं हैं। पिछले पांच वर्ष में मात्र 835 महिलाओं के ही ड्राइविंग लाइसेंस बने हैं।

 ज्यादातर युवतियां व महिलाएं भले ही ड्रायविंग लायसेंस ना बनवाऐ मगर ट्रेफिक नियम को पूर्ण तरीके से फालो करती है, कम स्पीड में साईड से चलना, हेलमेट लगाना,

 डिपर का प्रयोग करना आदि दूसरा महिलाओं व युवतियों को थोडा भारत में सम्मान की नजर से देखा जाता है। इसी वजह से पुलिसकर्मी भी उनकी स्कूटी को रोककर कागज चेक नहीं करते।
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