जनपद में भ्रष्टाचार चर्म पर है, मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लगाया आरोप
रामपुर(मिलक) । भारतीय किसान संघ रामपुर के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट और भारतीय डाक के माध्यम से पत्र भेजकर आरोप लगाया है
कि वर्तमान समय में हमारे जनपद रामपुर में भ्रष्टाचार चर्म पर है आए दिन एंटी करप्शन टीम द्वारा सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को किसानों से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया जा रहा है।
तथा जनपद रामपुर के अधिकांश सरकारी कार्यालयों में प्राईवेट कर्मचारियों की भरमार है वह कर्मचारी स्थानीय होने के कारण अपनी दबंगई के बल पर आम जनता व किसानों को खुलेआम लूट रहे हैं।
अगर इस प्रकरण की शिकायत कोई व्यक्ति ज़िम्मेदार अधिकारियों से कर दे तो वह शिकायतकर्ता को धमका देते हैं और उनसे साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात करते हैं। रामपुर में आम जनता और विशेष कर किसानों के साथ खुलेआम लूट की जा रही है।
जिसका प्रभाव लोक सभा चुनाव में देखने को मिला है। अगर भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले विधान सभा चुनाव में भी इसका प्रभाव देखने को अवश्य ही मिलेगा। जनपद में अभी तक भ्रष्टाचार निवारण संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा जो भी कार्यवाही की गई हैं
उनका विवरण यह है 01.तहसील मिलक में उपजिलाधिकारी मिलक का पेशगार जुनैद खान बीस हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
02.तहसील स्वार में तैनात लेखपाल दिवाकर राणा और कम्प्यूटर ऑपरेटर को तीन हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों गिरफ़्तार करके जेल भेजा है। 03.पूर्व में अवैध खनन की एक ट्रैक्टर ट्राली को छोड़ने के लिए एक महिला लेखपाल ने तीस हज़ार रुपए की रिश्वत ली थी।
इस मामले की शिकायत होने पर जिलाधिकारी रामपुर ने जांच कराई तो महिला लेखपाल की संलिप्तता पाई गई। जिस पर आरोपी महिला लेखपाल को निलंबित किया गया है।
04.तहसील टांडा में नायब नाजिर को दो हज़ार चार सौ रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों गिरफ़्तार करके जेल भेजा है।
05.तहसील मिलक क्षेत्र के गांव परम स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के फ़ील्ड ऑफिसर दिनेश कुमार एवं इनके निजी प्राईवेट कर्मचारी भीमसेन को तीन हज़ार पांच सौ रुपए की रिश्वत लेते हुए सीबीसीआईडी टीम द्वारा गिरफ्तार करके अपने साथ ले जाया गया है।
06.तहसील मिलक में मिट्टी पटान हेतु प्रशासन से अनुमति चाही गई थी। इसमें सत्ताधारी पार्टी के कुछ नेताओं के द्वारा रिश्वत लेने का गंभीर आरोप तहसील प्रशासन मिलक पर लगाए गए हैं। तथा उसकी शिकायत भी मंडलायुक्त मुरादाबाद मण्डल से की गई है।
07.तहसील शाहबाद एवं टांडा में अधिवक्तागणों द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया गया है और वह अपने कार्य से विरत चल रहे हैं। उनका आरोप है कि किसानों को खतौनी से लेकर दाखिल खारिज़ तक में एक मुश्त रिश्वत देनी पड़ रही है। अधिवक्तागणों ने भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की मांग की है।
08.जनपद के ज़िम्मेदार अधिकारी अपना सरकारी मोबाइल अपने पास नहीं रखते हैं पहले तो फ़ोन रिसीव ही नहीं होगा और दूसरी बार में फ़ोन निज़ी सचिव द्वारा रिसीव किया जाता है