सनसनीखेज खबर
इंस्पेक्टर कोतवाली फरीदपुर के बिस्तर से बरामद हुए 9,96000 रुपए
फिर हुई खाकी दागदार
आईपीएस ने मारा छापा इंस्पेक्टर पूछताछ के दौरान दीवार बांधकर हुआ फरार
नेशनल 24 लाइव न्यूज़ जनपद बरेली संवाददाता राजीव कुमार गुप्ता
तहसील फरीदपुर थाना कोतवाली इंस्पेक्टर रामसेवक ने बीते दिनों तीन स्मैक तस्करों को पकड़ने के दौरान दो स्मैक तस्करों से ₹700000 की नगद रिश्वत ली और उनको छोड़ दिया। एक तस्कर रिश्वत न देने के कारण उसको थाने में बैठा लिया गया।
कोतवाली फरीदपुर के इंस्पेक्टर रामसेवक पर आरोप है कि उन्होंने ग्राम नवादिया अशोक निवासी आलम पुत्र मोहम्मद इस्लाम ,नियाज अहमद पुत्र शेर मोहम्मद, एवं नियाज को इसमें तस्करी के आरोप में 300 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था।
लेकिन उन्होंने तस्करों पर कार्रवाई करने की वजाय उनसे डील करना शुरू कर दी और तस्करों ने अपने बचने के लिए उन्हें 7 लख रुपए नगद रिश्वत दी इसी दौरान तीसरे तस्कर ने उनको रिश्वत नहीं दे पाई।
इंस्पेक्टर को मोटा माल मिलने का लालच होने पर उन्होंने कार्रवाई करना उचित नहीं समझा और दो तस्करों को छोड़ दिया गया। इसी दौरान मुखबिर ने इस सौदेबाजी की खबर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी मानुष पारीख को दे दी
वह तुरंत पुलिस फोर्स के साथ फरीदपुर थाने पहुंच गए और इंस्पेक्टर को बुलाकर पूछताछ करने लगे पूछताछ करने के दौरान इंस्पेक्टर पेशाब करने के बहाने दीवार फांदकर फरार हो गया ।उसके बाद पुलिस अधीक्षक ने इंस्पेक्टर रामसेवक के निवास का ताला तोड़कर
उसके कमरे की तलाशी ली तलाशी के दौरान पुलिस अधीक्षक को इंस्पेक्टर के बिस्तर के नीचे बिछाए गए 9,96000 नगद बरामद हुए पुलिस अधीक्षक मानुष पारीक ने बताया कि इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा लिखवा दिया गया है ।
जिस थाने के इंसपेकटर अब उसी थाने में चलेगा उनके खिलाफ केस ।अब कई बिंदुओं को रखकर जांच की जाएगी। बाकी सब कुछ विवेचना में सामने आ जाएगा कि इसमें किस-किस ने अपनी भूमिका निभाई है।
इस्पेक्टर के कमरे के अंदर इतना सारा कैश देख कर कोतवाली पुलिस भी दंग रह गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोतवाली पुलिस के द्वारा जिन तस्करों को पूर्व इंस्पेक्टर के द्वारा छोड़ा गया था उनको तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। रिश्वतखोरी के इस केस में बरेली में अपराधी और पुलिस के गठजोड़ का एक बार फिर से पर्दाफाश कर दिया है ।
पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई के बाद भी बरेली में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं बरेली में यह हालत तब है जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य लगातार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
पिछले दो महीनों के अंतराल में दर्जनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की जा चुकी है। लेकिन इसके बाद भी पुलिस वालों के चाल चलन में कोई बदलाव नहीं आया
है, और अब यहां अपराधियों के साथ पुलिस के गठजोड़ का जो केस सामने आया है ।उसने पुलिस विभाग की काफी किरकिरी की है। पुलिस इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।।