अति दलितों को स्वर्णों से नहीं बल्कि अपने वर्णों से ख़तरा
रामपुर - भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज-भावाधस (भीम) के राष्ट्रीय प्रमुख वीरेश भीम अनार्य ने कहा है कि अति दलितों को स्वर्णों से नहीं बल्कि अपने वर्णों (जटाव, पासवान, मीणा) से ख़तरा है क्यों की इन का हक़ स्वर्ण नहीं बल्कि यह लोग खा रहे थे।
वीरेश अनार्य डॉ अंबेडकर पार्क मैं आये अति दलित समाज को संबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा कि आज़ादी के 78 वर्षों से आरक्षण का लाभ एक विशेष जाति लेती रही और अति दलित समाज गटर में पड़ा रहा या नालियां निकालता रहा लेकिन इन्हें तरश नहीं आया और आज जब सुप्रीम कोर्ट ने वर्गीकरण का आदेश दिया है तो इन के पेट में दर्द हो रहा है
उन्होने कहा कि सरकार कोर्ट का आदेश शीघ्र लागू करे अन्यथा हम दोबारा कोर्ट जाएंगे आज कुछ लोग कह रहा है कि भाजपा दलितों को बाँट रही है दलितों का भाजपा नहीं बल्कि मायावती बाँट रही है जिस ने आज तक अति दलितो के हित मैं एक शब्द नहीं कहा और उनका शोषण करती रही।
अनार्य ने कहा कि वर्गीकरण शीघ्र लागू नहीं हुआ तो अति दलित समाज जन प्रीतिनिधियो का घेराव करेगा।
सभी सगठनो के पदधिकरी जुलूस के रूप मैं ज़िला अधिकारी कार्यालय पहुँचे थे और वहाँ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया।
इस अवसर पर भावाधस (भीम) के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री कैलाश एकलव्य, प्रदेश महासचिव विजय अनार्य, राजू अंबेडकर,
राष्ट्रीय सफ़ाई कर्मचारी मज़दूर यूनियन के धर्म कुमार वाल्मीकि, अनिल कुमार
स्थानीय निकाय सफ़ाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रेम राज,
वाल्मीकि धर्म समाज के नीरज चौहान,
वाल्मीकि सैंट्रल कमेटी के संरक्षक विजय रावत , वाल्मीकि शक्ति दल के प्रेम प्रकाश,
भावाधस भीम के सुदेश कुमार, हरिओम विकल , डॉ सतीश चंद्र, महेंद्र वाल्मीकि सुरेंद्र कुमार, गुरुमुख भारती, शंकर लाल बबलू, गोपाल जी, दिलीप वाल्मीकि,अतुल भारती,
सोहल लाल लार्ड,पवन अनार्य,
लकी द्रविड़,डी.के भारती, हिमांशु राजोरिया, राजपाल भारती, शानु कटारिया,माइकल वाल्मीकि, अरुण कुमार, शरद राज, अभिषेक बाबू, कमल द्रविड़, विनय चौधरी, सुमित चौहान,आदि लोग मौजूद थे।