अखिलेश ने 11 सीटों को लेकर दिया बड़ा संकेत
लखनऊ। लोकसभा चुनाव में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इसे राष्ट्रीय दर्जा दिलाने के लिए कई राज्यों में चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। हरियाणा चुनाव में पांव खींचने के बाद सपा ने जम्मू-कश्मीर में 20 प्रत्याशी उतार दिए हैं।
अब झारखंड विधानसभा चुनाव में सपा आईएनडीआईए गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। सपा इस बार झारखंड में सपा 11 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
सपा ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री और पार्टी में अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यास जी गोंड को झारखंड का चुनाव प्रभारी बना दिया है।
सपा ने वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भी अपने प्रत्याशी उतारे थे।
झारखंड के सपा प्रदेश अध्यक्ष केश्वर यादव उर्फ रंजन यादव का कहना है कि उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव में मिली जीत का प्रभाव इससे सटे हुए झारखंड के जिलों पर भी पड़ेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आईएनडीआईए के साथ मिलकर 11 सीटों पर चुनाव लड़ने का संकेत दिया है।
उनको पांकी, मनिका, लातेहर, पलामू, विश्रामपुर, गढ़वा, भवनाथपुर, छतरपुर, बोकारो और रांची शहर की विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने के लिए सूची सौंपी गई है।
सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी का कहना है कि पार्टी झारखंड में वर्ष 2014 और 2019 का विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है। आईएनडीआईए गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने के लिए शीर्ष स्तर पर मंथन चल रहा है।
सपा गठबंधन से 11 सीटों की मांग करेगी। राजेंद्र चौधरी ने बताया कि झारखंड में हरियाणा जैसी स्थिति नहीं बनेगी।