बहजोई: धर्म के दसलक्षण में से उत्तम सत्य लक्षण हमें हित-मित-प्रिय वचन बोलने के लिए प्रेरित करता है। उक्त विचार जैन पर्व दसलक्षण के दौरान उत्तम सत्य धर्म मनाते हुए वक्ताओं ने व्यक्त किए।
श्री दिगंबर जैन सभा बहजोई के तत्वावधान में आयोजित नगर के मोहल्ला गोलागंज स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में मनाये जा रहे पर्युषण पर्व के दसलक्षण दिवस मनाते हुए
गुरुवार को उत्तम सत्य दिवस के रूप में मनाया गया इस अवसर पर चंद्र कुमार जैन शास्त्री ने उत्तम सत्य धर्म के बारे में प्रवचन किया और कहा कि जहाँ क्षमा , मार्दव , आर्जव , शौच आत्मा का स्वभाव है , वहीं सत्य,संयम, तप, त्याग इन गुणों को प्रगट करने के उपाय हैं
, या कहें कि ये वो साधन हैं जिनसे हम आत्मिक गुणों की अनुभूति और प्रकट कर सकते हैं।
जैन दर्शन में सत्य का अर्थ मात्र ज्यों का त्यों बोलने का नाम सत्य नहीं है ,
बल्कि हित-मित-प्रिय वचन बोलने से है। हितकारी वचन यानि जिसमें जीव मात्र की भलाई हो , कहने का अभिप्राय ये है कि जिन वचनों से यदि किसी जीव का अहित होता हो तो वे वचन सत्य होते हुये भी असत्य ही है।
मित यानि मीठा बोलो अर्थात् कड़वे वचन , तीखे वचन , व्यंग्य परक वचन , परनिंदा , पीड़ाकारक वचन सत्य होते हुये भी असत्य ही माने गये हैं। प्रिय वचन यानि जो सुनने में भी अच्छे लगे , ऐसे वचन ही सत्य वचन हैं।
महामंत्री सम्भव जैन ने कहा कि उत्तम सत्य वचन मुख बोले ,सो प्राणी संसार न डोले। हम सभी के जीवन में सत्य धर्म प्रगट होवें ऐसी मंगल भावना है।
इस अवसर पर मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें पूजन अभिषेक और सामूहिक आरती आदि शामिल रहे, इसके साथ ही धार्मिक अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन स्वाति जैन द्वारा कराया गया
जिसमें आचार्य परमेष्ठि टीम की छाया जैन, सुनील जैन, प्राची जैन, विभोर जैन, साक्षी जैन ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। शांति धारा और प्रथम अभिषेक का अवसर अभिनव जैन व अदिति जैन मुरादाबाद को प्रदान किया गया।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष संजय जैन व कोषाध्यक्ष मीतेश जैन सहित शिखा जैन, आकांक्षा जैन, पारुल जैन, पूनम जैन, रिंकू जैन, राहुल जैन, शुभम जैन, अर्पित जैन,पारस जैन, विभोर जैन, मोहित जैन, वीना जैन, राशि जैन, स्वाति जैन आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता सुनील जैन व संचालन सम्भव जैन ने किया।