झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने रामलीला का किया शुभारंभ
बरेली। श्री रानी महालक्ष्मी बाई रामलीला समिति चौधरी मोहल्ला बरेली के तत्वावधान में शनिवार रात रामलीला का दूसरा दिन रहा इस मौके पर दूसरे दिन का शुभारंभ झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने दीप जलाकर किया।
मंचन में नारद अभियान मनु शतरूपा तप रावण आदि का जन्म पृथ्वी पर देवताओं की करुण पुकार की लीला का आयोजन हुआ।
इसमें दिखाया गया कि एक बार की बात है कि श्री नारद जी को अभिमान हो गया कि उन्होंने कामदेव को अपने बस में कर लिया। यह बात वह अपने पिता ब्रह्मा जी को बताने गए ब्रह्मा जी ने कहा आप यह
बात यह भगवान विष्णु जी तथा शिव जी को ना बताएं। परंतु अभियान से वशीभूत होते हुए यह बात भगवान शंकर जी और विष्णु जी को बताने गए। भगवान विष्णु को आभास हुआ की नारद जी को अभिमान हो गया।
इस बात को लेकर श्री भगवान विष्णु ने एक माया नगरी का निर्माण किया और एक सुंदर नगर बसाया। उसी नगर से भ्रमण करते हुए नारद जी वहां पर विश्राम के लिए रुके। जब यह बात वहां के राजा को पता चली तो वह अपनी राजकुमारी का हाथ दिखाने नारद जी के पास आए
नारद जी सुंदर कन्या को देखकर मोहित हो गए। और वहीं से भगवान विष्णु के पास वापस पहुंचे और उनसे अपना रूप मांगने लगे। इससे क्रोधित होकर भगवान श्री हरि विष्णु के पास पहुंचे और उन्हें श्राप दे दिया
कि तुम त्रेता युग में मनुष्य के रूप में नारी के वियोग में इसी तरह घूमोगे। भगवान विष्णु ने नारद जी के श्राप को स्वीकार किया। इसके कारण त्रेता युग में भगवान श्री राम का अवतार हुआ।
इस मौके पर समिति के अध्यक्ष पंडित राम गोपाल, महामंत्री शिव नारायण दीक्षित द्वारा संचालन किया गया। हरि शुक्ला, घनश्याम मिश्रा, प्रदीप नारायण बाजपेई, विजय मिश्रा, प्रभु नारायण तिवारी, वीरेंद्र शुक्ला, आदित्य नारायण, अभिषेक मिश्रा, अमित अवस्थी आदि मौज