लापता अधिवक्ता का शव मिला संदिग्ध अवस्था में, पुलिस ने की जांच शुरू
फरीदपुर (बरेली)।कस्बा फरीदपुर के मोहल्ला ऊंचा में रहने वाले युवा अधिवक्ता यशवंत राय जौहरी का शव उनके अपने ही मकान के ऊपर बने कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला।
42 वर्षीय अधिवक्ता, जो एक दिन पहले से लापता थे । जिसका शव देखकर पूरे क्षेत्र में शोक और सनसनी फ़ैल गई । पुलिस और फॉरेंसिक की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर शव विच्छेदन गृह भेज घटना की जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
घटना के अनुसार, अधिवक्ता यशवंत राय जौहरी रोज सुबह टहलने जाते थे। परिजनों के अनुसार, मंगलवार की सुबह 4 बजे वह घर से निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने कई जगहों पर उनकी खोजबीन की,
परंतु कहीं से कोई जानकारी नहीं मिली। 11 सितंबर को उनके परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद आज दोपहर करीब 12 बजे, पड़ोस की एक महिला जो अपनी छत पर कपड़े सुखाने आई थी
, उसने देखा कि जौहरी के मकान के ऊपरी कमरे से खून बह रहा है। महिला ने तुरंत इसकी सूचना जौहरी के परिवार को दी, जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया।
पुलिस और फॉरेंसिक की टीम पहुंची घटना स्थल पर
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिवक्ता यशवंत राय जौहरी का शव संदिग्ध अवस्था में पाया गया, उनका शरीर नीला पड़ा हुआ था
और दरवाजे के पास लगी खिड़की से फांसी का फंदा गले में बंधा हुआ था। शव के पास से खून बह रहा था, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि यह आत्महत्या है या हत्या।
फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से सबूत जुटाना शुरू कर दिया है, और अधिवक्ता का पूरा शरीर नीला पड़ना और खून का बहना कुछ ऐसे बिंदु हैं जिन पर गहराई से जांच की जा रही है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया है ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता चल सके।
अधिवक्ता समाज में शोक की लहर
यशवंत राय जौहरी की मौत से न सिर्फ उनके परिवार में, बल्कि अधिवक्ता समाज में भी शोक की लहर दौड़ गई है। यशवंत की शादी 2011 में बरेली से हुई थी और उनके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 11 और 8 वर्ष है। तहसील बार एसोसिएशन के महासचिव अरुण कुमार सिंह तोमर, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण भदोरिया समेत दर्जनों अधिवक्ता यशवंत राय जौहरी के घर पहुंचे और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अधिवक्ता यशवंत राय जौहरी के साथी और बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव अमित कुमार सिंह तोमर ने कहा, “यशवंत बहुत ही मिलनसार व्यक्ति थे और उनके फांसी लगाने की बात पर हमें यकीन नहीं हो रहा।”
इस घटना ने पूरे अधिवक्ता समाज को झकझोर कर रख दिया है।
फरीदपुर थाना प्रभारी ने बताया
फरीदपुर थाना प्रभारी ने बताया कि अब तक परिजनों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है। पुलिस फिलहाल घटना की जांच बारिकी से कर रही है, और फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा
कि यह आत्महत्या है या हत्या। इस मामले से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है, और लोग घटना की वास्तविकता जानने के लिए पुलिस की जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।