𝙽𝙰𝚃𝙸𝙾𝙽𝙰𝙻 24 𝙻𝙸𝚅𝙴:
धोखा ना दे जाए आपका दिल:संभालने वाला नहीं कोई
बदायूं। बीते जमाने में हृदय की समस्या वृद्धावस्था का रोग कहलाता था, लेकिन आज भागदौड़ भरे जीवन में 25 से 30 साल के युवा भी हृदय रोग से ग्रसित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में हर माह पहुंच रहे 40 से 50 मरीजों में से आधे युवा अवस्था के हैं। इसमें सबसे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात सरकारी अस्पताल में ह्रदय रोग विशेषज्ञ का न होना है।
कोरोना के बाद से दिल के मरीज तेजी से बढ़े हैं। इनमें 20 से 30 साल के युवाओं की संख्या भी खासी है। ऐसे में जिले के सरकारी अस्पताल से लेकर मेडिकल कॉलेज तक एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है।
अगर कोई मरीज जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में पहुंचता है तो एक दो गोली देकर उसके हाथ में रेफर स्लिप पकड़ा दी जाती है।
युवाओं में तेजी से दिल की बीमारी बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण मानसिक तनाव है। जिला अस्पताल में जितना संभव होता है उतना इलाज दे दिया जाता है।
मरीज को बता दिया जाता है कि जिला अस्पताल में हार्ट के डाॅक्टर नहीं हैं, वह अपनी मर्जी से दूसरी जगह जा सकते हैं।