रामचंदाचार्य बोले प्रकृति ही भगवान का स्वरूप
बदायूं।बिल्सी। ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन रामानुजाचार्य स्वामी रामचंद्र आचार्य महाराज ने प्रकृति को भगवान का ही स्वरूप पर बताया। उन्होंने कहा कि भगवान की नाभि के ऊपर के अंग जो है।
ऊपर के साथ लोग हैं और भगवान की नाभि के नीचे के जो अंग है वह नीचे के साथ लोग हैं। उन्होंने कहा कि भगवान का ध्यान करने के लिए पूरे ब्रह्मांड में भगवान का ही दर्शन करना चाहिए।
अपनी इंद्रियों से भी भगवान का गुणगान करना चाहिए। उनके नाम का संकीर्तन करना चाहिए। भगवान की परिक्रमा करनी चाहिए। दर्शन करना चाहिए कानों से भगवान की कथा सुनना चाहिए।
इस प्रकार भगवान की जो भक्ति करता है वह भगवान का प्रिय भक्त होता है। कथा को सुनने कासगंज, बिसौली, बदायूं, उझानी, चंदौसी,
हापुड़, गाजियाबाद से भक्त आए। नगर पालिका अध्यक्ष ज्ञान देवी सागर, बालाजी धाम के प्रधान महंत मटरुमल शर्मा, शांति देवी शर्मा, प्रदीप शर्मा आज मौजूद रहे।