बदायूँ: 27 सितम्बर। जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव ने कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में नकली आयुर्वेदिक दवाओं की रोकथाम के संबंध में आहूत बैठक में सैंपल की संख्या बढ़ाने तथा निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ0 राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद स्तर पर विभागीय स्तर से आयुर्वेदिक दवाइयों को लेकर उसको लखनऊ स्थित लैब में परीक्षण के लिए भेजा जाता है।
परीक्षण उपरांत अधोमानक पाए जाने पर संबंधित कंपनी को नोटिस जारी कर कार्यवाही की जाती है। यह सभी कार्यवाही निदेशक आयुर्वेदिक सेवाओं के स्तर से की जाती है। उन्होंने बताया कि अभी तक जनपद में 100 से अधिक सैंपल लेकर लैब परीक्षण के लिए लखनऊ भेजे गए।
लेकिन कोई अधोमानक नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि सैंपल की संख्या बढ़ाने के कार्यवाही की जाएगी तथा निरंतर निगरानी भी रखी जा रही है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार, नगर मजिस्ट्रेट देवेंद्र पाल सिंह सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।
डीएम ने की फूड सेफ्टी स्टीयरिंग कमेटी की बैठक
बदायूँ: 27 सितम्बर। जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव ने कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में फूड सेफ्टी स्टीयरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए होटल, ढ़ाबों व रेस्टोरेंट में सीसीटीवी कैमरे लगाने व कुक आदि को गलब,
मास्क पहनने के लिए कहा। स्ट्रीट फूड वेंडर के लिए नगर पालिका परिषद बदायूं के क्षेत्र अंतर्गत वेंइंडिंग जोन बनाने के लिए कहा। उन्होंने दवा निरीक्षक द्वारा लिए गए नमूनों में जो नमूने फेल हुए हैं उन पर वाद दायर करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि होटल,
ढ़ाबों व रेस्टोरेंट पर फूड लाइसेंस को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने फूड सेफ्टी वैन के माध्यम से छात्र-छात्राओं, व्यापारियों आदि को जागरूक करने के लिए भी कहा।
डीओ फूड सीएल यादव ने कहा कि दवा निरीक्षक द्वारा लिए गए नमूनों में से 07 नमूने फेल हुए थे। जिनमें जल्द वाद दायर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फूड सेफ्टी वैन के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है तथा फूड लाइसेंस को प्रमुखता से रेस्टोरेंट, ढ़ाबों व होटल में प्रदर्शित कराने के लिए कार्यवाही की जा रही है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार, नगर मजिस्ट्रेट देवेंद्र पाल सिंह सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।
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