धरना स्थल पर बिगड़ी ग्रामीणों की तबीयत, लगानी पड़ी ड्रिप
बदायूं।आसफपुर। गांव ढोरनपुर में सड़क बनवाने की मांग को लेकर हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। भूख हड़ताल के चलते कुछ ग्रामीणों की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। इसके बाद धरना स्थल पर ही निजी चिकित्सक को बुलाकर उन्हें ड्रिप लगवानी पड़ी। वहीं,
शुक्रवार को भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।आसफपुर-चंदौसी मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की कच्ची सड़क को पक्का बनाने का मुद्दा काफी पुराना है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भी इस गांव के मतदाताओं ने एक जुट
होकर मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी, इसके बाद प्रशासन के अधिकारियों ने सड़क निर्माण का आश्वासन दिया। लेकिन, अभी तक सड़क नहीं पड़वाई जा सकी। इसके बाद फिर से अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन फिर भी मांग को अनसुना कर दिया गया।
इसी के चलते तीन दिन पहले ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।शुक्रवार को भूख हड़ताल पर बैठे लोगों में से तीन की शारीरिक स्थिति बिगड़ गई। आसफपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों को सूचित किया गया, लेकिन कोई भी डाॅक्टर नहीं पहुंचा,
थक हारकर निजी डाॅक्टरों ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्लूकोज चढ़ाया। इस पूरे आंदोलन में मुख्य भूमिका निभा रहे फिरोज आलम की शारीरिक स्थिति बिगड़ गई। लोगों का मानना है कि जल्द ही भूख हड़ताल खत्म नहीं हुई तो अन्य लोग भी बीमार हो सके।
फिरोज आलम का आरोप है कि प्रशासन के लोग उनके आंदोलन को खत्म करने के लिए धमका रहे हैं। उन्हें खतरा है कि कोई षड्यंत्र रचा जा सकता है।
पुलिस प्रशासन ने धरने पर बैठे लोगों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नही किया। धरने पर बैठे लोगों ने एकजुट होकर कहा है कि सड़क निर्माण कराने तक यह क्रम जारी रहेगा।