बदमाशों ने घर में घुसकर पूरे परिवार को गोलियों से भूना,सरकारी टीचर, पत्नी और मासूम दो बेटियों की हत्या
यूपी के अमेठी में सरकारी टीचर समेत पूरे परिवार को गोली मार दी गई। गुरुवार शाम बदमाशों ने घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने से टीचर सुनील कुमार, उनकी पत्नी और 5 और डेढ़ साल की बेटियों की मौत हो गई। घर के आंगन में नल के पास पति-पत्नी के शव पड़े थे। थोड़ी दूर पर उनके दो मासूम बच्चों की लाशे पड़ी थी।
एसपी अनूप सिंह कई थानों की पुलिस के साथ पहुंचे। फोरेंसिक, सर्विलांस और डॉग स्क्वायड ने सबूत जुटाए। मौके से पिस्टल के 9 खोखे मिले हैं। एडीजी लखनऊ जोन एसबी शिरडकर, आईजी अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार ने मौके पर पहुंचकर एसपी से जानकारी ली। डीजीपी प्रशांत कुमार पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सीएम योगी ने कहा- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। UP STF को हत्याकांड के खुलासे के लिए लगाया गया है। डिप्टी एसपी डीके शाही को टीम के साथ घटनास्थल रवाना किया गया है। डीके शाही ने ही सुल्तानपुर डकैती के आरोपी मंगेश यादव का एनकाउंटर किया था।
34 वर्षीय टीचर सुनील कुमार रायबरेली जिले में जगतपुर थाना क्षेत्र के सुदामापुर गांव के रहने वाले थे। गांव में पिता राम गोपाल रहते हैं। 10 दिसंबर, 2020 को सुनील की बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी लगी थी। 12 मार्च 2021 को उन्हें अमेठी जिला मुख्यालय से 62 किमी दूर सिंहपुर ब्लॉक के पनहौना प्राथमिक विद्यालय में जॉइनिंग मिली थी।
अमेठी में सुनील शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के अहोरवा भवानी चौराहे पर मुन्ना अवस्थी के यहां तीन महीने से किराए पर रहे थे। परिवार में पत्नी पूनम भारती और दो बच्चियां- दृष्टि 5 वर्ष और लाडो 1.5 वर्ष की थीं।
लोगों ने बताया कि गुरुवार की शाम करीब 7 बजे असलहा लिए कुछ लोग सुनील के घर पर पहुंचे। बदमाशों को घर में जो जहां मिला, उसे गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर अफरा-तफरा मच गई। लोग घरों से जब तक बाहर निकले, बदमाश वारदात कर जा चुके थे।
स्थानीय लोग तत्काल सुनील कुमार, उनकी पत्नी और दोनों बच्चियों को सीएचसी सिंहपुर ले गए। लेकिन, डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
पिता राम गोपाल ने कहा- मेरे दो बेटे हैं। बड़ा बेटा मुंबई में परिवार के साथ रहता है। सुनील छोटा था। मैंने मजदूरी करके दोनों बेटों को पढ़ाया। सुनील को नौकरी मिली तो वह काफी दिन अकेले रहा। बाद में अपने परिवार को भी साथ ले गया।
उन्होंने बताया- कुछ दिन पहले सुनील को बदमाशों ने घेर लिया था। तब आसपास के लोगों ने खदेड़ कर बदमाशों को भगाया था। तब बेटे ने केस भी दर्ज कराया था। आज थाने से दरोगा जी आए और हमसे पूछताछ करने लगे। तभी हमें शंका होने लगी कि बेटे के साथ कोई अनहोनी हो गई है। मेरा पूरा परिवार खत्म हो गया।
पड़ोसी दीपक सिंह ने बताया- मुझे जैसे ही जानकारी मिली मैं सुनील के घर पहुंचा। किसी से इनका विवाद चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, सुनील की पत्नी पूनम ने 18 अगस्त को रायबरेली के नगर कोतवाली में एससी-एसटी एक्ट की धारा 354 समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले में चंदन वर्मा आरोपी है। हालांकि पुलिस ने मखूदमपुर चौकी बुलाकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था।
शक की सुई अभी चंदन वर्मा पर ही घूम रही है। पुलिस शुरुआती जांच में इसी एंगल पर काम कर रही है। जिस तरह से दो छोटी-छोटी बच्चियों की हत्या कर दी गई, उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि परिवार से किसी की पुरानी रंजिश रही होगी।
एसपी अनूप कुमार ने बताया- मौके पर जांच के दौरान किसी प्रकार की लूट के सबूत नहीं मिले हैं। अभी तक की जांच में पता चला है कि टीचर की तरफ से एक मुकदमा चंदन वर्मा नाम के व्यक्ति के खिलाफ एससीएसटी और छेड़छाड़ के धाराओं में रायबरेली नगर कोतवाली में दर्ज कराया गया था। ये जांच की जा रही है, क्या उस वजह से घटना को अंजाम दिया गया है। हत्यारों का सुराग लगाने के लिए टीम लगा दी गई है। जांच की जा रही है। मरने वाली दोनों बच्चियां हैं। एक की उम्र पांच साल और दूसरे की उम्र डेढ़ साल है।