वेतन की मांग करना पड़ा भारी... चार आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाया
बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में दिवाली से पहले आउटसोर्सिंग के करीब 250 कर्मचारियों को धरना प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया। धरने में जो सबसे आगे कर्मचारी रहे उनको प्राचार्य की संस्तुति के बाद हटा दिया गया है। कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद अन्य कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
हालांकि एक भी कर्मचारी इसके विरोध में सामने नहीं आया है। बुधवार को पूरे दिन कर्मचारियों में गहमागहमी देखने को मिली।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब 250 कर्मचारी आउटसोर्सिंग से नौकरी कर रहे हैं। इन्हीं कर्मचारियों की बदौलत व्यवस्था बनाई जा रही है।
लेकिन इन कर्मचारियों को वेतन चार चार महीने के बाद मिल पा रहा है। पिछले दिनों दिवाली से पहले वेतन को लेकर कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया और मेडिकल कॉलेज की पोल खोल दी। प्रदर्शन को खत्म करने के लिए कर्मचारियों को एक माह का वेतन दे दिया गया।
इस प्रदर्शन की अगुआई करने वाले चार कर्मचारियों को सामने आना भारी पड़ गया है। प्राचार्य की संस्तुति पर दो स्टाफ नर्स व दो फार्मासिस्ट को नौकरी से निकाल दिया गया है।
कार्यदायी संस्था ने स्टाफ नर्स शिल्पी पाल,बली मुद्दीन, रेखा व फार्मासिस्ट मदन मदन मोहन को हटाया है। आरोप है कि आठ अक्तूबर से 10 अक्तूबर तक चारों कर्मचारियों ने अन्य कर्मचारियों को धमकाकर व बहला फुसलाकर हड़ताल की थी। इससे कॉलेज की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक की व्यवस्था धड़ाम हो गई थी।