बदायूं:- बच्ची की मौत के मामले में जांच टीम ने इमरजेंसी में तैनात रहे डॉक्टर से पूछताछ की। बृहस्पतिवार को दो घंटे चली पूछताछ में टीम ने बच्ची की मौत के समय कौन-कौन ड्यूटी पर तैनात था, इसकी जानकारी ली।
जांच टीम आज शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप सकती है।राजकीय मेडिकल कॉलेज में बच्ची की मौत के मामले में अब तीसरी जांच चल रही है। बच्ची की मौत ने मेडिकल कॉलेज की पोल खोल दी है।
पहली जांच में इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर की पत्नी को जांच टीम में शामिल कर जांच प्रभावित की गई। जब मामला गर्माया तो जांच के लिए दूसरी कमेटी गठित कर दी गईइस टीम में तत्कालीन सीएमएस को जांच अधिकारी बनाया गया।
उन्होंने जांच के दौरान ही जांच को प्रभावित करने के आरोप प्राचार्य पर लगा दिए। जब जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी के पास पहुंची तो कार्रवाई दोषी डॉक्टरों व स्टाफ के बजाय जांच करने वाली डॉ. अर्सिया मसूद के खिलाफ की गई।
उन्हें सीएमएस के पद से हटा दिया गया। इसके बाद मामला शासन में पहुंचा और डीएम को मामले की जांच कर आख्या तलब की गई। तब कही जाकर तीसरी जांच कमेटी बनाई गई। दूसरी जांच को निरस्त कर दिया गया।
तीसरी जांच की टीम में एडीएम प्रशासन, सीएमओ शामिल हैं। मंगलवार को बच्ची के मौत के समय इमरजेंसी में डयूटी पर तैनात डॉक्टर से करीब दो घंटे तक टीम ने पूछताछ की। जांच रिपोर्ट शुक्रवार को डीएम को सौंपी जा सकती है।
यह था मामला
थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव थलिया नगला निवासी नाजिम की बेटी सूफिया (10) को बुखार आ रहा था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परिजन 23 अक्तूबर की सुबह नौ बजे उसे लेकर राजकीय मेडिकल काॅलेज पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने बच्ची को भर्ती नहीं किया।
बच्ची ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया था। जांच में जो भी तथ्य मिले हैं, वह गोपनीय हैं। जांच रिपोर्ट सीधे डीएम को आज सौंपी जा सकती है। कार्रवाई भी उन्हीं के स्तर से होगी।