बरेली सहित देश के 42 टोल प्लाजा पर एसटीएफ ने 120 करोड़ का घोटाला पकडा, चार हिरासत में लिऐ।

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बरेली सहित देश के 42 टोल प्लाजा पर एसटीएफ ने 120 करोड़ का घोटाला पकडा, चार हिरासत में लिऐ।

Friday, January 24, 2025 | January 24, 2025 Last Updated 2025-01-24T09:17:14Z
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बरेली सहित देश के 42 टोल प्लाजा पर एसटीएफ ने 120 करोड़ का घोटाला पकडा, चार हिरासत में लिऐ।
Badaun January 23, 2025

सॉफ्टवेयर बदलकर चल रहा फर्जी रसीद का खेल।

 उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के लालगंज स्थित अतरैला टोल प्लाजा पर एसटीएफ ने छापा मारकर चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी कर्मचारी टैक्स वसूलने में फर्जीवाड़ा करते थे।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीफ) की लखनऊ इकाई ने टोल प्लाजा से टैक्स वसूलने में 120 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश कर मिर्जापुर के लालगंज स्थित अतरैला टोल प्लाजा से चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

 बता दें कि जिस सॉफ्टवेयर के माध्यम से घोटाला किया गया, उसका इस्तेमाल देश के 42 टोल प्लाजा पर हो रहा है। यूपी के बरेली, गोरखपुर और असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में भी इसी साफ्टवेयर के जरिये गड़बड़ी की जा रही है। फिलहाल एसटीएफ मामले की जांच कर रही है। मामले में टोल प्रबंधन और अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

एएसपी आपरेशन ओपी सिंह ने बताया कि एसटीएफ ने अपनी तहरीर में आलोक सिंह को सॉफ्टवेयर का निर्माता बताया है। दो साल से इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। आलोक को गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ की पूछताछ से पता चला है कि फर्जीवाड़े की जानकारी एनएचएआई के अफसरों को भी थी, लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे थे।

एसटीएफ ने चार कर्मचारियों को दबोचा, फर्जी रसीद बना कर करते थे वसूली
पांच मोबाइल, दो लैपटॉप, एक प्रिंटर और 19580 रुपये बरामद किए।
एसटीएफ के निरीक्षक दीपक सिंह ने बताया कि बाबतपुर एयरपोर्ट के पास से साफ्टवेयर तैयार करने वाले आलोक सिंह को पकड़ा गया। आलोक ने बताया कि वह दो साल से यह कार्य कर रहा है। 

उसका साफ्टवेयर उत्तर प्रदेश सहित देश के 42 टोल प्लाजा पर काम कर रहा है। बताया कि साफ्टवेयर लगा निकटतम टोल प्लाजा अतरैली शिव गुलाम टोल प्लाजा है। वहां दिखा सकता है कि यह कैसे कार्य करता है। लालगंज पुलिस को एसटीएफ ने टोल प्लाजा से दो कर्मचारियों मनीष मिश्रा और राजीव कुमार उर्फ राजू को पकड़ा।

हर्रो टोल प्लाजा प्रयागराज, अम्दी टोल प्लाजा लोहरा आमगढ़, बागपत, बरेली, गोरखपुर, सौनौली, शामली, अतरैली शिव गुलाम टोल प्लाजा मिर्जापुर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, झारखडं, पंजाब, गुजरात, असम, पश्चिम बंगाल, उड़िता, हिमांचल, छत्तीशगढ़, जम्मू कश्मीर में साफ्टवेयर काम कर रहा था। साफ्टवेयर को मोबाइल फोन, लैपटाप, पेन ड्राइव, डिवाइस के द्वारा इंस्टाल करते हैं।

आलोक ने बताया कि रिद्धि-सिद्धी कंपनी के साथ वह पहले सावंत और सुखांत के साथ यह काम कर रहा था। बताया कि उसने एमसीए किया है। साफ्टवेयर बनाने की अच्छी जानकारी है। उसने एएनवाई साफ्टवेयर लगा कर
एक टोल से एक दिन में 50 हजार तक की कमाई की।दो साल में ऑफलाइन और आनलाइन 120 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है।

टोल प्लाजा के कांट्रेक्टर को साफ्टवेयर से लाभ के मामले में आलोक ने बताया कि देश के सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। जो वाहन बिना फास्टैग गुजरते हैं तो शुल्क और पेनाल्टी वसूला जाता है। इसके लिए टोल के किसी लेन पर इस साफ्टवेयर को इंस्टाल करा दिया जाता है। जो भी गाड़ी बिना फास्टैग के जाती है, उसको पास कराकर फर्जी रसीद काटकर दोगुना पैसा वसूल लेते हैं। यह पैसा कंपनी, ठेकेदार व टोल प्लाजा के कर्मचारियों में बंट जाता है।
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