महाकुंभ में रेलवे का भरा खजाना यूपी के इस स्टेशन को 20 करोड़ से ज्यादा का मिला राजस्व।

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महाकुंभ में रेलवे का भरा खजाना यूपी के इस स्टेशन को 20 करोड़ से ज्यादा का मिला राजस्व।

Wednesday, February 26, 2025 | February 26, 2025 Last Updated 2025-02-27T04:48:24Z
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महाकुंभ में रेलवे का भरा खजाना यूपी के इस स्टेशन को 20 करोड़ से ज्यादा का मिला राजस्व।
रोजाना 800 से एक हजार यात्री मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन पर ट्रेन पकड़ने के लिए आते थे। प्रतिदिन दो लाख से अधिक का राजस्व होना मुश्किल होता था। लेकिन महाकुंभ में प्रतापगढ़ जंक्शन दिन-रात यात्रियों से भरा रहा। जंक्शन से होकर दो दर्जन महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों का संचालन हुआ। 20 करोड़ रुपये बरसे हैं। यूं कहें तो महाकुंभ ने तो रेलवे का खजाना ही भर दिया।

महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला था। 144 साल बाद आयोजित होने वाले महाकुंभ में देश-विदेश के लोग स्नान करने संगम आए। मेले का आयोजन 13 जनवरी से शुरू हुआ, जो 26 फरवरी को समाप्त हो गया। इसमें मुख्य रूप से पौष पूर्णिमा, वसंत पंचमी, मौनी अमावस्या, माघी पूर्णिमा व महाशिवरात्रि पर अधिक भीड़ प्रतापगढ़ जंक्शन पर ट्रेन पकड़ने के लिए उमड़ी

श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई दिक्कत न होने पाए, इसके लिए दो दर्जन से अधिक महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों का भी यहां से होकर संचालन किया गया। देखा जाए तो पिछले डेढ़ माह में मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन से महाकुंभ स्नान करने के लिए 1,67,820 रेल यात्रियों ने यात्रा की। इसमें 20 करोड़ छह लाख 91 हजार 450 रुपये का राजस्व भी हुआ।

 इससे रेलवे का खजाना भर गया। चर्चा है कि रेल अधिकारियों को यह उम्मीद नहीं थी कि प्रतापगढ़ जंक्शन से करोड़ों रुपये का राजस्व आएगा। इसे लेकर वह खुश हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (लखनऊ डिवीजन) कुलदीप तिवारी ने बताया क‍ि डेढ़ माह से मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन का राजस्व काफी बढ़ा है। 20 करोड़ से अधिक की आय हुई है। 

करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने टिकट लेकर यात्रा की। श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए दो दर्जन से अधिक महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया गया।
बता दें, पावन संगम की धर्म धरा पर सनातन आस्था के सबसे बड़े केंद्र महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं ने महारिकॉर्ड बना दिया है। 

यहां पर 45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जो अपने आप में सबसे बड़ा इतिहास बन गया है। भारत और चीन की जनसंख्या ही इससे ज्यादा है। अब तक दुनिया में किसी भी धार्मिक, सांस्कृतिक या अन्य आयोजनों में इतनी भीड़ नहीं जुटी है। 

उदाहरण के लिए सऊदी अरब में हर साल होने वाले हज में करीब 25 लाख मुस्लिम मक्का में एकत्रित होते हैं। दूसरी तरफ इराक में हर साल होने वाले अरबईन में दो दिन में 2 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री जुटते हैं।
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