संभल-गर्भवती महिला की शल्यक्रिया के उपरांत स्वास्थ बिगड़ गया अस्पताल में फैले संक्रमण से महिला की मृत्यु हो गई, मामला जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो आयोग ने अस्पताल व चिकित्सक को दोषी मानते हुए उन पर 5 लाख का जुर्माना लगा दिया।
अधिवक्ता पारस वार्ष्णेय के अनुसार घर नारायणपुर देवा चंदौसी निवासिनी दीक्षा पत्नी भगवत शरण गुप्ता गर्भवती थी दिनांक 16 जुलाई 2012 को उसे प्रसवपीडा के उपरांत सुभाष रोड चंदौसी स्थित आशी नर्सिंग होम में भर्ती कराया डॉक्टर वंदना सक्सेना ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी जिस पर डॉक्टर ने ऑपरेशन किया और लेकिन आपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ती चली गई लेकिन डॉक्टर ने मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर नहीं किया मरणासन्न स्थिति में मरीज के परिजन उसे एम्स दिल्ली ले गए, चिकित्सकों ने बताया कि मरीज भयंकर संक्रमण से पीड़ित है इससे पहले मरीज का इलाज होता।
उसकी मृत्यु हो गई एम्स के चिकित्सकों ने मृत्यु का कारण आशी नर्सिंग होम में फैले इन्फेक्शन को बताया जिस पर मृतक के पति ने जिला उपभोक्ता आयोग संभल में परिवाद योजित किया। लगभग 13 वर्ष चले मुकदमे में अधिवक्ता पारस वार्ष्णेय ने जिला आयोग को बताया कि स्वच्छ वातावरण देने अस्पताल विफल रहा
और इन्फेक्शन फैलने से मरीज की मृत्यु हो गई मामले को गंभीर मानते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने डॉक्टर वंदना सक्सेना को आदेश दिया कि वे रू.5 लाख उस पर परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि से भुगतान की तिथि तक 7 ब्याज अदा करे साथ ही रु 10 हजार वाद व्यय भी अदा करने के आदेश दिए।