शिक्षित बच्चें ही हैं समाज का भविष्य - अपर जनपद न्यायाधीश

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शिक्षित बच्चें ही हैं समाज का भविष्य - अपर जनपद न्यायाधीश

Monday, February 10, 2025 | February 10, 2025 Last Updated 2025-02-10T14:43:30Z
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शिक्षित बच्चें ही हैं समाज का भविष्य - अपर जनपद न्यायाधीश
 बदायूँ: 04 फरवरी। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुक्रम में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं के निर्देशानुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं द्वारा मंगलवार को बाल अधिकारों, नए कानूनों, यौन अपराधों से सम्बन्धित बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अवसर पर विधिक साक्षरता व जागरूकता शिविर का आयोजन राजकीय इन्टर कॉलेज, 
घटपुरी जनपद बदायूं में आयोजित किया गया।
शिविर का शुभारम्भ करते हुए अपर जिला एव सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिव कुुमारी ने बताया कि छात्र-छात्राओं को शिक्षित होना चाहिए व अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए। विद्यार्थियों को फेसबुक एवं इन्सटाग्राम आदि सोशल मीडिया साइटों का उपयोग सीमित दायरे में ही करना चाहिए 

क्योंकि आधुनिक परिवेश में सोशल मीडिया के दुरुपयोग से विभिन्न सायबर अपराधों को बढ़ावा मिल रहा है तथा इस सोशल मीडिया के माध्यम से अनभिज्ञ बच्चें, अश्लील चलचित्र, छायाचित्र देखकर ब्लैकमेल का शिकार हो जाते है और साथ ही अपना भविष्य खराब कर लेते हैं।
अपर जिला एव सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिव कुुमारी ने बताया कि भारतीय संविधान में वर्णित अनुच्छेद-15 लिंगानुपात भेदभाव, 
छात्राओं के खिलाफ अपराध जैसे एसिड हमला, बलात्कार, अपहरण, दहेज उत्पीडन, एवं यौन उत्पीडन के सम्बन्ध में आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सेवायें प्रदान की जाती है,

 यदि किसी प्रकार पीड़ित के अधिकारों का उल्लंघन होता है तो वह अपने शिकायती प्रार्थना-पत्र कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं व सम्बन्धित थाना में निःसंकोच केस दर्ज करा सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं से आह्नावान किया गया कि अपने आस-पास के परिवेश में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें, तथा स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखें।

अपर जिला एव सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिव कुुमारी ने बताया कि आगामी 08 मार्च 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलह समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण कराया जाता है। सूक्ष्म एवं लघु प्रकृति के वादों को सम्बन्धित न्यायालय के निर्देशानुक्रम में जनपद न्यायालय परिसर में मध्यस्थता केन्द्र खुला हुआ है। उक्त मध्यस्थता केन्द्र के सदस्यों/अधिवक्ताओं द्वारा दोनों पक्षों को बिठाकर समझौता कराया जाता है।

कार्यक्रम में सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं एवं किसान रजिस्ट्री, यातायात नियमों एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित टोल फ्री नम्बर 1076, 1090, 112, 1930 के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य राज कपूर वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधिकारी व कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, अध्यापक आदि मौजूद रहे।
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