लोकमाता अहिल्याबाई का लोककल्याणकारी जीवन समाज के लिए प्रेरणा: तपन कुमार
महारानी अहिल्याबाई होल्कर का व्यक्तित्व व कृतित्व उन्हें विश्व की श्रेष्ठतम महिलाओं की पंक्ति में अग्रणी बनाता है उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की त्रिशताब्दी जयंती के अवसर पर गोष्ठी के आयोजन में वक्ताओं ने व्यक्त किये।
बी एम बी एल जैन कॉलेज में आरएसएस के तत्वावधान में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की त्रिशताब्दी जयंती के अवसर पर विशाल वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम अहिल्याबाई होलकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया, मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए आरएसएस के सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख तपन कुमार ने कहा कि
महारानी अहिल्याबाई ने राजसी सुखों को त्याग कर दुखी पीड़ित जन की सेवा को ही उन्होंने अपने जीवन का परम लक्ष्य बना लिया, अपने साम्राज्य के संरक्षण के लिए जो कुछ भी संभव था वह उन्होंने किया, रानी अहिल्याबाई में एक कुशल शासक के सभी गुण विद्यमान थे प्रजा के हित में उठाए गए कदमों ने उन्हें लोकमाता की उपाधि दी, प्रजा की भलाई, सुरक्षा, सुख, सुविधा जुटाना,
बाहरी आक्रमण विद्रोहियों और डाकुओं से राज्य की रक्षा करने की हर संभव प्रयास महारानी ने किया। अहिल्याबाई ने महिलाओं की सेना भी तैयार कर उन्हें हथियार चलाना रणभूमि का प्रशिक्षण देना भी प्रारंभ किया। रानी ने राहगीरों,गरीबों, विकलांगों,साधु संतों,पशु-पक्षियों, जीव जंतुओं सभी का ध्यान रखते हुए
अनेकों उदाहरण अपने जीवन में प्रस्तुत किए। हमें उनके लोककल्याणकारी जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर जिला संघचालक अनिल शास्त्री, जिला प्रचारक दीपक कुमार, सह जिला कार्यवाह सम्भव जैन, जिला बौद्धिक प्रमुख सतीश चंद्र शर्मा, लव कुमार शर्मा, अश्विनी कुमार, अमन भारत, चंद्रसेन राणा, भारत सिंह यादव, मंजू दिलेर, दीपक यादव, विपिन राघव,
हरनाम सिंह, मुकेश राघव, धीरेंद्र कुमार पिंटू, सत्यपाल सिंह, विदेश पाल सिंह, अवनेश सर्राफ, यश कठेरिया, नकुल प्रताप सिंह, चेतन सिंह, हरद्वारी, शुभम वार्ष्णेय आदि उपस्थित रहे।