द्वार,आंगन,छतें सब बना लीं, बस लोग घर नहीं बना पाए

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द्वार,आंगन,छतें सब बना लीं, बस लोग घर नहीं बना पाए

Friday, August 22, 2025 | August 22, 2025 Last Updated 2025-08-22T15:47:51Z
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*द्वार,आंगन,छतें सब बना लीं, बस लोग घर नहीं बना पाए
बहजोई। सृजन साहित्य अभिरुचि मंच के तत्वावधान में बीएमबीएल जैन कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी में सृजन की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कवियों ने अपनी सुमधुर रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

गोष्ठी का शुभारम्भ देशभक्ति भावनाओं से ओतप्रोत काव्यपाठ से हुआ। कवि ज्ञानप्रकाश ने अपनी रचना “ प्यारी तिरंगे में बसी मेरी जान है, सबसे प्यारा मेरा हिंदुस्तान है” सुनाकर वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।
संदीप कुमार सचेत ने अपनी कविता “कल सुबह का जब मैं देखूंगा अख़बार, पता चलेगा हत्या हुई कितनी कितने बलात्कार” सुनाकर सामाजिक विसंगतियों पर करारा प्रहार किया।
कुमार अवधेश विद्यार्थी ने अपनी रचना “खुदा करे तुम्हें सजा वो मिले, जिसको तुम चाहो, तुम्हें न मिले” के माध्यम से मानवता का संदेश दिया।
युवा कवि सम्भव जैन ने सुनाया कि “मौन को स्वर नहीं बना पाए, स्वर को अक्षर नहीं बना पाए, द्वार, आंगन, छतें बना लीं, बस, लोग घर नहीं बना पाए” सुनाकर समाज की संवेदनाओं को झकझोर दिया।

इसी क्रम में राजेश यादव तन्हा ने “अद्भुत है मेरा गांव प्रिये जिससे है बहुत लगाव प्रिये” जैसी रचना के माध्यम से गांव की मिट्टी की खुशबू बिखेरी।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि रूपकिशोर गुप्ता ने जीवन की कठोर सच्चाइयों को रेखांकित करते हुए कहा – 
“मौत ने मारा झपट्टा ले गयी, जिंदगानी हाथ मलती रह गई। बस नहीं चलता किसी का मौत पर, जाते-जाते जिंदगी यह कह गई।।
कवयित्री मनीषा गौतम ‘चंदौसी’ ने “क्यों हो जाती है उनसे मोहब्बत जिनका मिलना तक़दीर में नहीं होता।" जैसी पंक्तियों के माध्यम से युवाओं को उत्साह और संघर्ष का संदेश दिया।
गोष्ठी का संचालन कर वही बदायूं के कवि अरशद रसूल ने कहा कि " ज़र्फ़ कुछ यूं हमें दिखाना है, दर्द सहकर खुशी लुटाना है। अब जमीने नई तलाश करो, फिर से उजड़ा चमन बसाना है।

युवा कवि दीपक गोस्वामी चिराग ने अपनी पंक्तियों – “बिना सूरज के धरती पर सवेरा हो नहीं सकता,बिना वृक्षों के चिड़िया का बसेरा हो नहीं सकता। ये रिश्ता खास इतना है, दरमियां तेरे और मेरे । जो तेरा हो नहीं सकता वो मेरा हो नहीं सकता।। से समां बांध दिया। गोष्ठी के अंत में सभी कवियों को मंच की ओर से सम्मानित किया गया। गोष्ठी में प्रतिभाग के लिए

 बीएमबीएल जैन कॉलेज की निदेशक संभव जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया, गोष्ठी का संचालन अरशद रसूल जबकि अध्यक्षता रूप किशोर गुप्ता ने की, गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक परमेश्वर लाल सैनी एवं नकुल प्रताप सिंह रहे एवं अंकित, नेत्रपाल सिंह, अक्षय राठौर, अखिलेश, अमित राजपूत आदि श्रोत्रागण उपस्थित रहे।
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