अनाधिकृत रूप से संचालित अस्पतालों के विरुद्ध की गई कार्रवाई।
बेसमेंट में संचालित अस्पतालों के बेसमेंट, या तो स्वयं बंद कर दें बरना की जाएगी कार्रवाई: जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया।
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अवैध रुप से अस्पतालों को संचालित व फर्जी रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज दैने वालों को बख्शा नहीं जाएगा: पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई
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अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर जारी रहेगी कार्रवाई: एएसपी अनुकृति शर्मा
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चार अभियुक्त गिरफ्तार,तीन फरार
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अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लगाए जाएंगे कैंप: जिलाधिकारी
------------------------ 18सितंबर को जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा द्वारा किया गया बडा खुलासा। अनाधिकृत रूप से संचालित अस्पताल क्लीनिकों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी जिलाधिकारी राजेन्द्र पेंसिया तथा पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्रोई द्वारा गैर पंजीकृत अस्पतालो तथा झोलाछाप चिकित्सको के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के अनुपालन में स्वास्थ्य विभाग व राजास्व विभाग द्वारा दिनांक 16 सितम्बर को जनपद में संचालित 31 गैर पंजीकृत अस्पताल क्लिनिक पर चैकिंग की गयी जिसमे अनियमितता पाये जाने पर कुल 19 अभियोग पंजीकृत किये गये,
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार द्वारा उक्त प्रकरण पर गम्भीरता से संज्ञान लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा के निर्देशन में गठित टीमो द्वारा गहनता से विवेचना की गयी तो गैर पंजीकृत अस्पतालो के विरूद्ध पूर्व मे भी अवैध संचालन के अभियोग पंजीकृत पाये गये किन्तु सभी अस्पताल क्लीनिक पुनः बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। विवेचना के दौरान संज्ञान में आया कि जगतपाल पुत्र
जवाहरलाल नि० ग्राम सादातवाडी तथा प्रेमसिंह पुत्र गंगा सिंह नि०ग्राम अहरौला तथा बबलू गिरि पुत्र आन्नद गिरि नि० बहटकरण तथा संगम पुत्र नंदकिशोर जनपद बुलंदशहर,नितिन उर्फ नितेन्द्र नाथ गुप्ता, राजीव कौशिक सरायतरीन गौरव बंसल नि० महाजन स्ट्रीट थाना चदौसी द्वारा गैर पंजीकृत अस्पतालों से अवैध संचालन वसूली की जाती। जब इनके बारे में स्वास्थय विभाग से जानकारी की गयी तो इनमें से नितिन उर्फ नितेन्द्र नाथ गुप्ता सम्भल वार्ड बाय के पद पर पीएचसी एचौली तथा गौरव बंसल फिजियो थैरेपिस्ट के पद पर सीएचसी बहजोई में नियुक्त पाये गये इनके अतिरिक्त कोई भी स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी नही पाया गया।
आपको बताये चले कि
प्रेम सिंह की पत्नी वर्ष 2016 से एएनएम के पद पर जुनावई कार्यरत है तथा बबलू गिरि की पत्नी वर्ष 2019 से वार्ड आया के पद पर कार्यरत है।
*अभियुक्तों द्वारा अपराध कारित करने का तरीका*
प्रेमसिंह पुत्र गंगा सिंह नि० ग्राम अहरौला नवाजी थाना जुनाबई तथा बबलू गिरि पुत्र आन्नद गिरि नि० बहटकरण थाना रजपुरा, संगम पुत्र नंदकिशोर कस्बा नरौरा जनपद बुलंदशहर द्वारा तहसील गुन्नौर में संचालित अवैध अस्पतालो,निजी क्लीनिको से मुकदमा लिखवाने के नाम से उनकी क्षमता के अनुसार एक लाख से पांच लाख तक की सालाना अवैध वसूली की जाती थी। और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। यदि किसी अस्पताल में कोई घटना कारित हो जाती थी उसके लिए अतिरिक्त धनराशि वसूली जाती थी।
*कूटरचित रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट
विवेचना में दो प्रकरण ऐसे भी संज्ञान में आये जिसमे अस्पताल संचालकों के पास कूटरचित पंजीकरण प्रमाण पत्र पाये गये जो कि उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा दिये गये थे।
पहला प्रकरण जो कि थाना गुन्नौर से सम्बंधित है उसमे जगतपाल द्वारा कृष्णा नर्सिंग होम गुन्नौर के पंजीकरण हेतु डेढ़ लाख रूपये लिये गये तथा उसको कूटरचित पंजीकरण प्रमाण पत्र दिया गया जिसकी जाँच की गयी तो उक्त रजिस्ट्रेशन फर्जी पाया गया। कृष्णा नर्सिंग होम के संचालक द्वारा पूर्ण रूप से अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। कृष्णा नर्सिंग होम के संचालक के विरूद्ध पूर्व में अवैध संचालन का अभियोग पजीकृत था तथा 02 बार आनलाईन पंजीकरण आवेदन निरस्त होने के उपरांत, तीसरी बार आवेदन किया गया, जिसकी स्वास्थ्य विभाग से जानकारी की गयी तो उक्त पंजीकरण अभी लम्बित है।
दूसरा प्रकरण थाना बहजोई से सम्बंधित है जिसमे लाइफ केयर होस्पिटल बहजोई के पंजीकरण हेतु जगतपाल द्वारा चार लाख रूपये लेकर उसको कूटरचित पंजीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया जिसकी जाँच की गयी तो उक्त रजिस्ट्रेशन कानपुर नगर का पाया गया। लाइफ केयर होस्पिटल बहजोई के संचालक द्वारा पूर्ण रूप से अस्पताल संचालन किया जा रहा था झापे मे कुछ महिलाओं का प्रसव सिजेरियन से होना पाया गया। स्वास्थय विभाग से जानकारी की गयी तो उक्त पंजीकरण लम्बित है।
इन दोनो ही प्रकरण मे जगतपाल, नितिन उर्फ नितेन्द्र, गौरव बसंल व राजीव द्वारा आपस मे पैसा बाटा जाना प्रकाश में आया है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के वांछित अभियुक्तगण जगतपाल,प्रेमसिंह बबलू गिरि संगम पुत्र नंदकिशोर को गुन्नौर चौराहा के पास से गिरफ्तार किया गया है।
*जनता के ज़हन में उठा बडा सवाल*
स्वास्थ्य विभाग व पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम के द्वारा छापेमारी के दौरान पकड़े गए अस्पतालों पर कार्रवाई के साथ साथ चार अभियुक्त पकड़े गए उन पर आरोप था कि वह अस्पताल संचालकों को डरा धमकाकर व फर्जी रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज देकर मोटी रकम वसूलते थे।
सवाल यह है कि अखिर इनके पीछे किसका हाथ है और यह चारों अभियुक्त यह मोटी रकम वसूल कर किसको देते थे और किस के इशारों पर यह काम को अंजाम देते थे,
क्या इस बात की ख़बर विभाग को नहीं थी और इतने दिनों से इन पर कार्रवाई क्यों नहीं की , इससे स्वास्थ्य विभाग पर प्रश्न चिह्न लगना स्वाभाविक है,अब देखना यह है कि शतरंज के असली खिलाड़ी पुलिस की रिमांड पर कब चढ़ते हैं।
जनपद की तेज तर्रार पुलिस अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा को जव यह जिम्मेदारी मिली तब जाके हुआ खुलासा अव स्वास्थ्य विभाग की धुंधली तस्वीर आएगी सामने।