बाबा बनखंडी नाथ मंदिर में हो रही श्री रामलीला व रासलीला मे सुबह के सत्र में रासलीला का आयोजन हुआ

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बाबा बनखंडी नाथ मंदिर में हो रही श्री रामलीला व रासलीला मे सुबह के सत्र में रासलीला का आयोजन हुआ

Wednesday, September 24, 2025 | September 24, 2025 Last Updated 2025-09-25T02:06:24Z
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बाबा बनखंडी नाथ मंदिर में हो रही श्री रामलीला व रासलीला मे सुबह के सत्र में रासलीला का आयोजन हुआ

 *दोपहर 3:00 बजे से हुआ दंगल का शुभारंभ*

 केसरी नंदन हनुमान जी की पूजा अर्चना के साथ किया गया ।जिसमें बरेली मंडल से आए पहलवानों ने अपना-अपना प्रदर्शन दिखाया लगभग 22 से 25 कुश्ती हुई 20 कुश्ती बराबर रही l पांच लोगों का निर्णायक फैसला हुआ, रघुवीर फरीदपुर से, श्याम पाल मीरगंज से,विजय ,सोनू ,बरेली ने नवाबगंज काले खान को हराया याकूब कुरैशी पीलीभीत ने बदायूं जब्बार को हराया बजरंगी शाहजहांपुर ने मुन्ना रामपुर को हरायाl 

शाम के सत्र मे श्रीरामलीला में श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण अद्भुत दृश्य देखने को मिले। भगवान श्रीराम के जीवन के प्रसंगों का मंचन हुआ। राज्याभिषेक की तैयारी अयोध्या में हर्ष का वातावरण देखने को मिला l

*लीला का आरंभ* 
अयोध्या में श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी से किया गयाl राजमहल दीपमालाओं से सजाl ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों की ध्वनि से पूरा मंचन गूंज उठा। महाराज दशरथ स्वयं शुभ घड़ी के स्वागत में आनंद से झूमते रहेl दर्शकों ने प्रसंग पर तालियां बजाईं
मंथरा-कैकेयी संवाद षड्यंत्र का बीजारोपण
इसके बाद मंचन हुआ l मंथरा और कैकेयी संवाद ने दर्शकों का ध्यान खींच लिया। मंथरा की कुटिल बुद्धि और कैकेयी के मन में डाले गए संदेह के बीज को कलाकारों ने इतनी सजीवता से प्रस्तुत कियाl 
 दर्शक भाव-विभोर हुए मंथरा का अभिनय दर्शकों ने निंदा भी ।
दशरथ-कैकेयी संवाद करुणा और वेदना का भावुक दृश्य
इसके पश्चात दशरथ और कैकेयी संवाद का करुण प्रसंग हुआ। महाराज दशरथ की विवशता और राम के प्रति उनका अगाध प्रेम दर्शकों को भावुक कर गया। जब दशरथ ने कैकेयी के सामने राम को वनवास भेजने की मजबूरी जताई l पंडाल सन्नाटे में डूब गया।

वनगमन राम, लक्ष्मण,
सीता का त्याग

*सबसे भावपूर्ण झांकी रही *श्रीराम का वनगमन*

 राम, लक्ष्मण और सीता राजमहल छोड़कर वन की ओर चले, तो मंच पर ही नहीं, दर्शकों के बीच भी आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। "जय श्रीराम" की गूंज ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। राम के वनगमन ने त्याग, धर्म और कर्तव्य का संदेश दिया। 
दर्शकों का उत्साह और श्रद्धा कार्यक्रम में भक्तों की भीड़ रही। मंच सज्जा, वेशभूषा, संवाद और कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को अयोध्या युग की झलक दिखलाई। यह देखकर वहां पर मौजूद दर्शकों ने जय श्रीराम" के नारे लगाए l मंचन के हर दृश्य पर पुष्प वर्षा हुई l इस आयोजन को सफल बनाने में संयोजक गिरधारी लाल साहू , मेला अध्यक्ष संजीव शर्मा दादा , संरक्षक धर्मेंद्र राठौर रिंकू, सचिन राठौर, संतोष साहू , विक्रम राठौर ,नाजिम पहलवान, अमजद पहलवान, राशिद चौधरी, मुन्नालाल राठौर, लक्ष्मी नारायण राठौर, राहुल राठौर ,प्रेम शंकर राठौड़ ,पंडित सुनील दत्त शर्मा, राहुल शर्मा, वैभव भारद्वाज ,अर्जुन सिंह, मानसिंह राठौर, सत्येंद्र राठौर, सतीश राठौर आदि उपस्थित रहेl
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