प्रयागराज शंकरगढ़ नारीबारी रोड रेलवे क्रासिंग फाटक पर बन रही ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य एक बड़े घोटाले की ओर बढ़ रहा है। निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा की कमी के कारण भविष्य खतरे में डाला जा रहा है। यहां तक कि निर्माण कार्य में लगे मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे हैं,
जो बहुत ही खतरनाक है। बात यहां खत्म नहीं होती हैं ढलाई के बाद पानी से तराई नहीं की जा रही है, जिससे पुल की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। पुल के निर्माण में टुकड़ों में सरिया लगाए जा रहे हैं, जो पुल की मजबूती के लिए खतरनाक हो सकता है। क्या पता जिस तरह काम लापरवाही पूर्वक कर रहे हैं सरिया की गुणवत्ता भी संदेह के घेरे में है,
जिससे ओवर ब्रिज के लिएं भविष्य में खतरा बन सकता है। यह बहुत ही गंभीर मामला है ऐसी स्थिति में प्रशासन को जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय नागरिकों ने नाम न छापने की सर्त पर अपना संदेह जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन से मांग की है कि पुल के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाए और लापरवाह दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही, पुल के निर्माण कार्य में सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं,
ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। जानकारी के मुताबिक निर्माण स्थल के आसपास भी हालात खराब हैं। न ही आसपास पानी का छिड़काव किया जाता है और न ही आने-जाने वाले रास्ते सुरक्षित हैं। लोगों को खतरा महसूस होता है कि इनकी लापरवाही का शिकार कहीं आम पब्लिक न हो जाए।ऐसी स्थिति देख नागरिकों को उम्मीद है
कि प्रशासन जल्द ही इस मामले में कार्रवाई करेगा और पुल के निर्माण कार्य को सही तरीके से पूरा करवाएगा। अब प्रशासन की बारी है कि वह इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। क्या प्रशासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा और पुल के निर्माण कार्य को सही तरीके से पूरा करवाएगा? या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? नागरिकों को इंतजार रहेगा प्रशासन के अगले कदम का।