अटूट आस्था 86 किमी की दंडवत परिक्रमा कर मनौना धाम जा रहे रिंकू, बगरैन में हुआ भव्य स्वागत
बगरैन :- हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा के जयघोष के साथ जब मन में अटूट विश्वास और हृदय में बाबा के प्रति अगाध प्रेम हो तो कठिन से कठिन रास्ता भी छोटा लगने लगता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जनपद मुरादाबाद के जयंतीपुर निवासी रिंकू कठेरिया ने।
रिंकू मुरादाबाद से जनपद बरेली के प्रसिद्ध मनौना धाम खाटू श्याम मंदिर तक की 86 किलोमीटर की दूरी दंडवत परिक्रमा पेट के बल लेटकर करते हुए तय कर रहे हैं। रिंकू कठेरिया ने अपनी यह अनोखी और कठिन यात्रा 5 दिसंबर को अपने निवास स्थान जयंतीपुर, मुरादाबाद से शुरू की थी।
सर्दी की परवाह किए बिना और शरीर को होने वाले कष्टों को भूलकर, रिंकू केवल बाबा श्याम की भक्ति में लीन होकर आगे बढ़ रहें हैं। मंगलवार (23 दिसंबर) की रात लगभग 8 बजे जब वे कस्बा बगरैन पहुंचे, तो उनकी इस कठोर तपस्या को देख कर हर कोई दंग रह गया। रिंकू के बगरैन पहुंचने की सूचना
मिलते ही कस्बे श्याम प्रेमी और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए। बाबा श्याम के इस अनन्य सेवादार का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया। श्याम प्रेमियों ने रिंकू को रोककर हाल चाल जाना और उनकी इस कठिन यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी ली। सेवादारों ने रिंकू के लिए सूक्ष्म जलपान और विश्राम की व्यवस्था की।
कस्बे के लोगों ने बताया कि आज के आधुनिक युग में इस तरह की कठिन साधना विरले ही देखने को मिलती है। रिंकू कठेरिया ने 86 किलोमीटर की दूरी को दंडवत परिक्रमा के माध्यम से तय कर न केवल अपनी भक्ति का परिचय दिया है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक मिसाल पेश की है जो आस्था
के मार्ग पर अडिग रहना है। पूछने पर रिंकू ने बताया कि उनकी बाबा श्याम के प्रति निजी आस्था और संकल्प है।वे बाबा के दर्शन कर लोक कल्याण और सुख शांति की प्रार्थना करना चाहते हैं। 5 दिसंबर से शुरू हुआ यह सफर अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है जिसे देख रास्ते भर लोग जय श्री श्याम के नारे लगाकर रिंकू का उत्साहवर्धन कर रहे हैं।