आमजन को विधिक सेवाओं से जोड़ने हेतु जागरूकता अभियान शुरू
बदायूँ : 06 फरवरी। माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुपालन में एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ के आदेशानुक्रम में 22 फरवरी 2026 को समय प्रातः 10ः00 बजे से मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन जनपद बदायूँ में स्थित डाइट आडोटोरियम में किया जायेगा।
इसके क्रम में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ के द्वारा गठित समिति की अध्यक्षा, सुश्री रिंकू, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष/विशेष न्यायाधीश, (दस्यु प्रभावित क्षेत्र), बदायूँ एवं सदस्यगण श्री रिषी कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष
न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट, न्यायालय संख्या-3, बदायूँ, श्रीमती शिव कुमारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(त्वरित न्यायाधीश)/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ श्री पुष्पेन्द्र चौधरी, सिविल जज (सी0डि0)/न्यायालय संख्या-01, बदायूँ व श्री पंकज कुमार पाण्डेय, सिविल जज (सी0डि0)/त्वरित न्यायाधीश, बदायूँ द्वारा शुक्रवार को
प्रशासनिक अधिकारीगण के साथ बैठक आहूत की गयी, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा नामित षिविर नोडल अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी, बदायूँ के स्थान पर जिला विकास अधिकारी, बदायूँ, श्री अखिलेश कुमार चौबे द्वारा प्रतिभाग किया गया। इसी क्रम में समिति की अध्यक्षा द्वारा उनको 22 फरवरी 2026 को मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के सफल आयोजन के सन्दर्भ में आम-जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से उ0प्र0 शासन के अन्तर्गत संचालित समस्त विभागोंं द्वारा आम-जनमानस के हितार्थ चलायी जा रही विभिन्न प्रकार की जन-कल्याणकारी सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार पप्पलेट, पोस्टर, बैनर इत्यादि प्रचार सामिग्री के माध्यम से किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
इसके अतिरिक्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(त्वरित न्यायाधीष)/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ, श्रीमती शिव कुमारी द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, (नालसा) नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं मीडियेशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वोच्च न्यायालय के तत्वाधान में सम्पूर्ण राष्ट्र में दिनांक 02 जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-2.0 चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम में न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों का अधिकाधिक संख्या में सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया जायेगा। जिसमें वैवाहिक विवाद के मामले, दुर्घटना दावे के मामले, उपभोक्ता विवाद के मामले, सम्पत्ति के बंटवारे से सम्बन्धित मामले, बेदखली से सम्बन्धित मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले व अन्य उपयुक्त दीवानी मामले, घरेलू हिंसा के मामले, चैक बाउन्स के मामले, आपराधिक मामले आदि का निस्तारण करा सकते हैं।
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