रामपुर। जनपद के सैदनगर ब्लॉक के ग्राम लालपुर में आज दिनांक 05 फरबरी 2026 दिन गुरुवार को “मनरेगा बचाव संग्राम” संवाद के अंतर्गत एक महापंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष मोहम्मद जकी द्वारा किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
महापंचायत को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निक्कू पंडित ने कहा कि भाजपा सरकार का असली उद्देश्य मनरेगा को मजबूत करना नहीं, बल्कि इसे धीरे-धीरे खत्म करना है। उन्होंने कहा “भाजपा सरकार जानबूझकर मनरेगा के बजट में कटौती कर रही है,
मजदूरी भुगतान में देरी कर रही है और तकनीकी प्रक्रियाओं को इतना जटिल बना दिया गया है कि गरीब मजदूर हतोत्साहित होकर काम छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। यह एक सुनियोजित साजिश है, ताकि मनरेगा अपने आप दम तोड़ दे।”
उन्होंने आगे कहा “मनरेगा को कमजोर करने का सीधा मतलब गांवों से रोज़गार छीनना है। जब काम नहीं मिलेगा तो बेरोजगारी बढ़ेगी, पलायन बढ़ेगा और फिर उसी हालात में इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा देकर गरीबों का शोषण किया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार की नई श्रृंखला खड़ी होगी, जिसका लाभ केवल सत्ता से जुड़े लोगों को मिलेगा।”
निक्कू पंडित ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संविधान की सामाजिक न्याय की भावना के विरुद्ध जाकर जनकल्याणकारी कानूनों को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा “मनरेगा कोई दया योजना नहीं, बल्कि कानूनन अधिकार है। इसे कमजोर करना संविधान प्रदत्त अधिकारों पर सीधा हमला है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।”
उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे पंचायत स्तर पर संगठित होकर मनरेगा बचाव संग्राम को जनआंदोलन बनाएं।
महापंचायत को संबोधित करते हुए ए ई सीसी सदस्य मोतिउर रहमान खां बबलू ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गांव के गरीब और मेहनतकश लोगों के सम्मान से जुड़ा हुआ कानून है। उन्होंने कहा “आज जरूरत है
कि छोटी-छोटी पंचायतों में बैठकर आमजन को यह समझाया जाए कि मनरेगा को कमजोर करना सीधे-सीधे गरीबों के हक पर डाका डालना है। जब तक गांव का मजदूर जागरूक नहीं होगा, तब तक ऐसी जनविरोधी नीतियों का विरोध मजबूत नहीं हो सकता।”
उन्होंने आगे कहा “भाजपा सरकार की नीतियों के कारण मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पा रही है, काम के दिन घटाए जा रहे हैं और तकनीकी
अड़चनों के नाम पर लोगों को काम से वंचित किया जा रहा है। इसका असर गांव की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है।”
मोतिउर रहमान ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे हर पंचायत, हर टोले और हर गांव में जाकर मनरेगा बचाव संग्राम के संदेश को पहुंचाएं और इसे एक जनआंदोलन का रूप दें। इस मौके पर कार्यक्रम में
साहिर रज़ा खां, नोमान मुमताज़ खां शकील मंसूरी, आरिफ़ अल्वी, जावेद अन्सारी, यासिर शाह खां, शिशुपाल, पूरन लाल,फिराफत अली सूरजपुर, वारिस प्रधान ईश्वरपुर, कलुआ भाई सिगनी आसिफ रुद्रपुर, ब्लॉक अध्यक्ष आसिफ खान अली हसन आलियागंज और मुशाहिद कासगंज आदि उपस्थित रहे।