रूस्तावली नेशनल थिएटर में भारतीय लेखिका कविता अरोरा की पुस्तक ‘शाम की टपरी’ का अंतरराष्ट्रीय विमोचन
त्बिलिसी (जॉर्जिया)।
भारत और जॉर्जिया के बीच सांस्कृतिक सेतु को वर्षों से मज़बूत करते आ रहे CDPF (कल्चरल डायलॉग एंड पीस फ़ोरम) के चेयरमैन दारिस्पन पाराशर के विशेष आमंत्रण पर बरेली की भारतीय लेखिका कविता अरोरा को जॉर्जिया के प्रतिष्ठित रूस्तावली नेशनल थिएटर में आमंत्रित किया गया।
यह आमंत्रण मूल रूप से एक जॉर्जियन नाट्य प्रस्तुति के लिए था लेकिन आगे चलकर यह अवसर भारतीय साहित्य, भारतीय संस्कृति और जॉर्जियन कला के गहरे संवाद का ऐतिहासिक क्षण बन गया।
यह पुस्तक पिछली चार पुस्तकों के साथ जनवरी 2026 में आयोजित वर्ल्ड बुक फ़ेयर में पाठकों के बीच प्रस्तुत की जा चुकी है और 6, 7 तथा 8 फ़रवरी 2026 को जयपुर पिंक फेस्ट में भी साहित्य-प्रेमियों के सामने लाई जा रही है।
कविता अरोरा की चार अन्य पुस्तकें—
‘पैबंद की हँसी’ (महिला जीवन के विविध पक्ष),
‘चाँद का शरगा’ (प्रकृति और संवेदना),
‘काग़ज़ के नीले साहिल’ (अंतर्मन के भाव),
और ‘स्याही सने सपने’ (समाज के विविध वर्गों की कहानियाँ)—
पहले ही पाठकों और आलोचकों के बीच अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।