उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों की सेवा नियमित करने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। पिछले दिनों यूपी विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की थी। अब हाई कोर्ट की ओर से सरकार को शिक्षामित्रों के सेवा नियमितीकरण मामले में दो माह में निर्णय लेने को कहा गया है।
हाई कोर्ट की ओर से यह आदेश जाग्गो, श्रीपाल केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर दिया गया है। दरअसल हाई कोर्ट में 115 शिक्षामित्रों की ओर से याचिका दायर कर सेवा नियमितीकरण पर आदेश जारी किए जाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इन पर अपना आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि 115 याची तीन सप्ताह में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को प्रत्यावेदन दें। आदेश में कहा गया है कि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा दो माह में इस पर विचार कर
सहायक अध्यापक पद पर नियमितीकरण मामले में फैसला लें। जस्टिस मंजूरानी चौहान ने तेज बहादुर मौर्य और 114 अन्य शिक्षा मित्रों की याचिका पर यह फैसला देते हुए मामले को निस्तारित कर दिया है।