हजरत हाजी चंमचा साहब के उर्स में की गई वतन व कौम की सलामती के लियें दुआएं खैर
बदायूँ। शहर के मौहल्ला ऊपरपारा स्थित नूरानी मस्जिद दरगाह हाजी अब्दुल दलील उर्फ हाजी चंमचा साहब पर सालाना उर्स की महफिल का आगाज किया गया उर्स की महफिल के दौरान वहां हाजिर अकीदतमंदों व परिजनों ने हजरत हाजी अब्दुल दलील उर्फ हाजी चंमचा साहव रहमतुल्लाह अलैह के मजारे मुबारक पर गुलपोशी व चादरपोशी की रस्म अदायगी कर दुआएं मांगी। उर्स में महफिले कुरआन पाक, महफिलें मीलाद के साथ साथ महफिलें इफ्तार पार्टी का भी आयोजन किया गया जिसमें बहुत से रोजेदारों ने मुख्य रूप से मौजूद रहकर रोजा इफ्तार कर दुआएं मांगी।
अकीदतमंदों का मानना है की हजरत हाजी चंमचा साहब के आस्ताने की हाजरी कभी खाली नहीं जाती है यहां सच्चे दिल से मांगी गई दुआ व मन्नत जरूर पूरी होती है। जिसके मद्देनजर नजर यहां अडोस पडोस के लोगो के साथ साथ बहुत से अकीदतमंदों का भी आना जाना लगा रहता है।
उर्स में नमाज़ ए मगरिब के टाइम रोजा इफ्तार की महफिल का आयोजन किया गया जिसमें बहुत से रोजेदारों ने शिरकत कर रोज़ा इफ्तार किया। उसके बाद महफिलें मीलाद की महफिल में नातिया कलाम पेश किये गये।
रस्में सहरी के बाद कुल शरीफ की फातिहा के साथ सालाना उर्स की महफिल का समापन किया गया। हाजिर अकीदतमंदों ने वतन व कौम की सलामती, खुशहाली के लियें दुआएं खैर की।
इस मौके पर अब्दुल तौहीद खान, अब्दुल कफील खान, अफ़जल अज़ीज़ खान, अब्दुल फजील खान, रययान अफजल, अरसलान अफजल खान, अब्दुल अनसफ खान, मो. असद, कारी रिजवान, मुशर्रफ अली, आदी बहुत से अकीदतमंद मुख्य रुप से मौजूद रहे।