बार-बार परिचालक महोदय दिव्यांग पास पे बिल पर चढ़ने को कहता रहा परन्तु परिचालक में अपने रिकॉर्ड में दिव्यांग पास नहीं चढ़ाया मामला हरदोई डिपो का है
शाहाबाद हरदोई मैं रेशु कश्यप हरदोई से शाहाबाद उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बस संख्या यूपी 78एल एन3572 हरदोई डिपो जो हरदोई से शाहाबाद होते पाली जाती है इस पर मैं आ रहा था मैंने अपना दिव्यांग पास दिया परंतु मैं हरदोई से शाहाबाद आ गया परिचालक द्वारा दिव्यांग पास नहीं चढ़ाया
गया मैने बार-बार परिचालक से कहा कि हमारा दिव्यांग पास अपने रिकॉर्ड में चढ़ा लीजिए लेकिन परिचालक ने एक भी ना सुनी और उसने रिकॉर्ड में नहीं चढ़ाया दिव्यांग पास
आखिर ऐसा क्यों परिचालक कर रहे हैं
अगर इसी बीच कोई हादसा हो जाता है तो फिर उसे दिव्यांग का क्या होगा क्योंकि उसका तो कोई रिकॉर्ड ही नहीं है बस में इसकी जिम्मेदारी चालक की होगी यह विभाग की होगी जब कोई रिकॉर्ड ही नहीं जब परिचालक दिव्यांग पास अपने रिकॉर्ड में चढ़ाएगा नहीं तब जिम्मेदारी किसकी होगी
अब आगे यह देखना है कि अधिकारी और कर्मचारी इस प्रकरण को कैसे निश्तरित करते हैं क्या दिव्यांग पास रिकॉर्ड में नहीं चढ़ने का मतलब डब्लू टी करना हुआ या नहीं